CAGR क्या होता हैं? CAGR Meaning in Hindi

CAGR Meaning in hindi

अक्सर आपने देखा होगा की mutual funds के return में CAGR लिख कर एक नंबर आता हैं। या फिर किसी शेयर की बात होती हैं तो उसमे भी लिख कर आता हैं की फलाना शेयर पिछले पाँच सालों में 27.3% CAGR दिया हैं। जब भी आप अपना पैसा निवेश करते हैं तो ये समझना जरूरी हैं की आपको आपका निवेश कुछ समय के बाद कितना पैसा वापस देगा। आज की तारिक में CAGR एक बहुत ही अच्छा तरीका हैं अपने रिटर्न्स के percentage को समझने का। इस आर्टिकल में CAGR क्या होता हैं और उसे कैसे निकाले उसके बारे में बताया गया हैं।

CAGR क्या होता हैं? CAGR Meaning इन हिन्दी

CAGR का Full Form Compound Annual Growth Rate होता हैं। इसे हिन्दी में चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर कहते हैं। CAGR से आप अपने निवेश के सालाना रिटर्न का हिसाब कर सकते हैं। देखिए जरूरी तो हैं नहीं की आप अपने निवेश में हर साल एक fixed Simple Interest वाला return पाए। वैसे भी आज के तारिक में सब निवेश चक्रवृद्धि ब्याज दर पर काम करते हैं। ऐसा हो सकता हैं की हर साल आपको अलग अलग ब्याज दर मिले। वही पर CAGR काम आता हैं।

आसान शब्दों में CAGR एक रेट है जिसे अगर आप हर साल अपने निवेश से पा रहे हैं तो अंत में उतना ही पैसा हो जाएगा जितना आपको हर साल अलग अलग ब्याज पर मिला हैं । मतलब की आपको अलग अलग साल के लिए अलग अलग रेट ऑफ रिटर्न को याद रखने की जरूरत नहीं हैं। ऐसा हो सकता हैं की पहला साल आप 5% रिटर्न मिला हो, दूसरा साल 10, तीसरा साल 8 और चौथा साल 11। तो अब इन सब को याद रखने से बेहतर है आप CAGR निकलो और बात दो की भाई हमे इतना ब्याज दर हर साल अपने निवेश पर मिला है।

CAGR का हिसाब करने के लिए आपको अपने निवेश के returns मालूम होना चाहिए। उसके बाद आप compound interest के concept को लगाकर CAGR निकाल सकते हैं। नहीं भी मालूम हैं तो कोई बात नहीं आजकल ये सब कुछ अनलाइन मिल जाता हैं। बस जरूरी ये हैं की CAGR होता क्या है उसे समझे।

CAGR अक्सर म्यूचूअल फंड, शेयर मार्केट, बॉंडस, रेविन्यू, इत्यादि जैसी चीजों के लिए देखा जाता हैं जहा रिटर्न का रेट उछलते कूदते रहता हैं। CAGR को समझने से पहले Absolute Return भी समझ लेते हैं।

Absolute Return क्या होता हैं? SAGR क्या होता हैं?

Absolute Return बस आपको ये बताता है की आपका पैसा किसी समय मे कितना बढ़ा हैं। उदाहरण से आसानी होगा समझना

निवेश किया गया पैसापहला सालदूसरा सालतीसरा सालचौथा साल
100 रुपया125 रुपया150 रुपया175 रुपया200 रुपया

आपका Absolute Return होगा : (200 – 100)/100 x 100 = 100 %

देखिए मान लेते हैं आपने 100 रुपये किसी जगह पर निवेश किया है और 4 साल में वो पैसा डबल हो गया। तो यह पर आपका Absolute Return 100% हो जाएगा।

और आपका SAGR होगा : Absolute Return/ साल = 100/4= 25 %

SAGR का full form हैं Simple Annual Growth Rate। अगर आप ऊपर के उदाहरण में देखे की 100 रुपया का 25% आपको हर साल मिल रहा हैं। मतलब की आपको 25% के हिसाब से आपके निवेश किए हुए पैसा जो की 100 रुपया है उसी पर सिर्फ ब्याज मिल रहा हैं। है न बेकार की बात मतलब दूसरे साल आपको 125 रुपये में 25% नहीं मिल रहा है। इसलिए SAGR एक सही data नहीं दिखा पता है की आखिर आपको कितना रेट ऑफ रिटर्न मिल हैं। इसलिए CAGR काम आता हैं।

CAGR का फार्मूला

CAGR निकालने का formula नीचे दिया हुआ हैं

CAGR = (Ending Value / Beginning Value)^(1 / N) – 1

इसमे:

  • Ending Value = आपके निवेश की अंतिम value है जो की हमारे उदाहरण में 200 रुपया हैं।
  • Beginning Value = निवेश किया गया पैसा
  • N का मतलब हैं कुल कितना समय लगा (साल में)
निवेश किया गया पैसापहला सालदूसरा सालतीसरा सालचौथा साल
100 रुपया118.92 रुपया141.419 रुपया168.17 रुपया199.99 रुपया

अगर आप CAGR का हिसाब करेंगे तो वो इस उदाहरण में 18.92% आएगा। आप अनलाइन किसी calculator से भी हिसाब कर सकते हैं।

अब उदाहरण को समझ लेते हैं:

आपने निवेश किया है 100 रुपया और पहले साल आपको 100 रुपये पर 18.92% के हिसाब से ब्याज मिल हैं। दूसरे साल आपका 100 रुपया और 18.92 रुपया मिलकर 118.92 हो गया हैं और फिर इसपर 18.92% ब्याज मिला हैं। ऐसे ही आगे के सालों में भी हुआ हैं। हर साल आपका ब्याज का पैसा आपके मूलधन में जुड़ता गया हैं और फिर उसमे ब्याज मिला हैं।

CAGR समझना इतना जरूरी क्यूँ है ?

देखिए शेयर मार्केट हो या म्यूचूअल फंड, दोनों में ही CAGR जरूरी हैं। आप नीचे इसके महत्व को समझ सकते हैं:

  • CAGR एक standard रेट को नापने का तरीका हैं। देखिए हर शेयर का इतिहास देखकर ही इंसान तुलना करता हैं। अब अगर आप CAGR को समझेंगे ही नहीं तो आप ये कैसे समझ पाएंगे की कौन सा शेयर या mutual फंड आपकी जरूरतों के लिए सही हैं।
  • अब ऐसा हो सकता हैं की पिछले एक साल में कोई शेयर खूब रिटर्न दिया हैं पर उसका 5 साल का CAGR ठीक नहीं हैं, तो आप CAGR देखकर सतर्क हो जाएंगे की कुछ तो गड़बड़ हैं।
  • CAGR सालाना उतार चढ़ाओ वाले रिटर्न को हटाकर एक ही रेट बताता है जिससे सब कोई को तुलना करने में या निर्णय लेने में आसानी होती हैं।

CAGR की सीमाएँ

हर चीज का फायदा और नुकसान होता हैं, ठीक उसी तरह इसका भी कुछ नुकसान है।

  • CAGR ये मान लेता हैं की कंपनी या शेयर का रिटर्न हर साल उतना ही होगा। ऊपर के उदाहरण में ही 18.92% हर साल मिल रहा हैं। ऐसा कही होता हैं क्या?
  • CAGR निकालने के लिए आपके पुराने data चाहिए होते हैं। उसके बिना कुछ नहीं हो सकता हैं।
  • जैसे की CAGR उतार चढ़ाओ वाले रिटर्न को हटा देता है उससे हमे सालाना fluctuations को समझने में मुश्किल होती हैं। अब ऐसा तो हो सकता हैं की रिटर्न कम हो किसी समय, तो वो एक समस्या हैं।

अंत में

Compound Annual Growth Rate (CAGR) एक basic metric हैं जो निवेशक और analysts को एक सरल तरीका बताता हैं किसी भी निवेश में रिटर्न का हिसाब करने के लिए। हालांकि इसमें हर साल का ब्याज दर नहीं पता चलता है जो की इसकी एक बुरी बात हैं। लेकिन उसके अलावा CAGR से और चीजों पर ध्यान दे सकते हैं। आप इससे अपने निवेश के रिटर्न का हिसाब कर सकते हैं, साथ ही दूसरे शेयर या फंड के साथ तुलना भी कर सकते हैं।

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