Direct vs Regular Mutual Fund- कौन सा बेहतर हैं?

Direct Mutual Funds vs Regular Mutual Funds

Mutual funds पैसे निवेश करने का एक बहुत ही लोकप्रिय तरीका हैं। ज्यादातर निवेशक जिनके पास समय नहीं होता हैं मार्केट में दिमाग लगाने के बजाय वो Mutual Fund का रास्ता चुनते हैं।

निवेशको का एक diversified निवेश हो जाता हैं और उन्हे दिमाग भी नहीं लगाना पड़ता हैं। पर गौर करने वाली बात ये हैं की चूंकि पैसा आपका हैं तो आपको थोड़ा सा तो दिमाग लगाना ही पड़ेगा।

देखिए Mutual Fund भी बहुत तरह के होते हैं। Equity, Debt, Hybrid फलाना ढिमकना ये सब तो बाद में हैं पहले तो Direct और Growth Mutual Fund होता हैं। अब जिन्हे मालूम हैं इनमे क्या अंतर हैं उनके तो बल्ले बल्ले हैं पर जिन्हे नहीं मालूम हैं उनका तो नुकसान ही हो रहा हैं।

आप किसी भी Mutual Fund को उठा कर देख लिए आपको 4 विकल्प मिलेगा –

  1. Regular Plan – IDCW
  2. Regular Plan – Growth
  3. Direct Plan – IDCW
  4. Direct Plan – Growth

अब इन चारों में क्या अंतर हैं वो समझे बिना निवेश करना थोड़ा सा गलत हैं। इस लेख में Direct vs Regular Mutual Fund के बारे में जानकारी दी गई हैं। आप इन दोनों के बीच के अंतर को समझिए और अपने लिए एक सही निवेश चुनिये।

Mutual Funds कैसे काम करता हैं

इन दोनों के बीच में अंतर समझने के लिए हमे पहले Mutual Fund कैसे काम करता हैं वो समझना पड़ेगा। Mutual Fund में कॉम्पनियाँ आपके निवेश किए हुए राशि को अलग अलग जगह निवेश करती हैं। अब ये निवेश वो शेयर मार्केट, सोना, debt इत्यादि जैसी चीजों में कर सकते हैं। अब जैसे जैसे ये कंपनी को प्रॉफ़िट होगा उसी हिसाब से आपका निवेश किया हुआ पैसा बढ़ेगा।

सभी Mutual Fund कंपनी में Fund Managers रहते हैं जो इन पैसों को सही ढंग से निवेश करते हैं। इन कंपनी को Asset Management Company (AMC) कहते हैं और इनके पास जो पैसा रहता हैं उसे Assets under management (AUM) कहते हैं।

Direct Mutual Funds क्या होते हैं?

Direct mutual funds जैसा की नाम से समझ में आ रहा है ये एक direct तरीका हैं Mutual Fund खरीदने का। इसमे आप AMC यानि Mutual Fund कंपनी से directly Mutual Fund खरीदेते हैं।

मतलब की जो professional experts, brokers, distributors के पास ना जाकर आप directly कंपनी से अपना सौदा करते हैं। आम तौर पर Direct Mutual Fund में commissions नहीं होते हैं जिससे आपकी कुल प्रॉफ़िट बढ़ जाता हैं।

Regular Mutual Funds क्या होते हैं ?

दूसरी तरफ Regular mutual funds में आप बीचोलिए जैसे की financial advisors, distributors, और brokers की मदद से Mutual Fund में निवेश करते हैं। ये बीचोलिए आपकी सहायता के लिए आपसे कुछ फीस चार्ज करते हैं। इसलिए Direct Mutual Fund की तुलना में Regular Mutual Fund में खर्चे ज्यादा होते हैं।

ऐसा नहीं हैं की ये जो commissions हैं वो आपंसे लेते हैं। ये commissions को brokers Mutual Fund कंपनी से लेते हैं और जो कंपनी हैं वो आपको Expense Ratio के नाम से फीस वसूलती हैं। तो बात वही हैं की नाक इधर से पकड़ो या उधर से कुल मिलकर आपके ऊपर ही खर्चे आ जाते हैं।

Direct vs Regular Mutual Fund- कौन सा बेहतर हैं?

ऐसा नहीं है की दोनों के निवेश में कोई अंतर हैं, दोनों का निवेश का तरीका एक ही हैं। दोनों में ही Equity का भाग, debt का भाग या अन्य किसी तरीके का निवेश बिल्कुल ही सामान्य हैं।

इन दोनों में कौन सा बेहतर हैं ये समझने के लिए हमे ये जो फीस जिसे Expense Ratio कहते हैं उसे समझना पड़ेगा। इसके अलावा कौन सा Mutual Fund का रिटर्न अच्छा हैं और दोनों में क्या क्या अंतर हैं उन सब चीजों को समझना होगा।

Direct vs Regular Mutual Fund Expense Ratio

Expense Ratio को आप किसी भी Mutual Fund को चलाने का खर्च के तरह से समझ सकते हैं। आम तौर पर ये 1 से 2% के बीच में होता हैं। मतलब की अगर 1% का expense ratio हैं तो आपके हर 100 रुपये के निवेश पर आपको 99 रुपये का ही Units मिलेंगे।

इस 1% में Mutual Fund कंपनी अपने Employees को सैलरी, marketing, research इत्यादि जैसे चीजों के लिए इस्तेमाल करती हैं।

Direct Mutual Funds: इसमे क्या होता हैं की ये जो expense ratio हैं वो बहुत कम हो जाता हैं। चूंकि कोई ब्रोकर बीच में नही हैं तो आपको उनके खर्चे नहीं उठाने हैं। इसके अलावा NAV का भी कीमत ज्यादा हो जाता हैं।

Regular Mutual Funds: इनमे वही आप brokers को commissions देते हैं जो की Direct Mutual Fund से ज्यादा होता हैं।

अगर आप सोच रहे होंगे की 1% से कितना ही अंतर पड़ता हैं, इसलिए जरूरी हैं की इनके Returns को देखा जाए।

Direct vs Regular Mutual Fund Returns

Direct Mutual Funds: चूंकि इसमे Expense Ratio कम हैं इसका मतलब की आपका ज्यादा पैसा निवेश हुआ हैं और इसलिए आपको अपने निवेश पर ज्यादा return मिलेगा।

और आपको Compounding का मतलब मालूम हैं तो आप अंदाजा लगा सकते हैं की लंबे समय में क्या फर्क पड़ेगा।

Regular Mutual Funds: इसमे चूंकि Expense Ratio रहता हैं इसलिए Direct Mutual Fund की तुलना में इसमे Return कम हो जाता हैं।

इसको एक उदाहरण और टेबल से समझते हैं:

Mutual Fund1 Year ReturnAUMLink
SBI Blue Chip Fund – Direct Plan – Growth0.88%79.97415.79%38881.48  Crयहाँ क्लिक करें
SBI Blue Chip Fund – Regular Plan – Growth1.57%73.118714.96%38881.48 Crयहाँ क्लिक करें

ये जो data हैं आज यानि 17.09.2023 तक के records हैं जो की भविष्य में बदल सकता हैं। आप एक बार ऊपर दिए गए लिंक (Money Control) पर नया कीमत देख सकते हैं।

उम्मीद करते हैं आपको Mutual Fund के expense ratio और Return में जो अंतर हैं वो समझ में आ गया होगा। यहाँ पर expense Ratio में 1.57-0.88 = 0.69% का जो प्रॉफ़िट जो हैं वो तो आप कमा रहे हैं। इसके बाद भी इस 0.69% पर भी तो आपको कुछ रिटर्न मिलेगा।

इसलिए जब आप 15.79 – 14.96% करते हैं तो आपको 0.83% आता हैं।

इन दोनों के रिटर्न में कितना अंतर आता हैं वो समझते हैं:

मान लीजिए कोई दो लोग हैं। दोनों ने के साथ 1000 रुपये की SIP कर ली हैं। एक ने SBI Blue Chip Direct Mutual Fund में निवेश किया और एक ने SBI Blue Chip Regular Mutual Fund में निवेश किया हैं । अब ये SIP दोनों ने 10 साल के लिए की हैं।

जाहीर सी बात हैं दोनों के Return में अंतर आएगी। चूंकि दोनों एक ही Mutual Fund हैं इसलिए हैं दोनों एक जैसा ही रिटर्न देगी। अंतर सिर्फ Expense Ratio में आएगा। गौर करने वाली बात ये है की Direct में जो Return होगा वो ज्यादा ही होगा पर हिसाब को आसान रखने के लिए सिर्फ expense ratio का जो प्रॉफ़िट हैं बस उसे ले लेते हैं।

तो अगर Regular Mutual Fund वाले ने CAGR 12% दिया हैं तो Direct Mutual Fund वाला CAGR 12.69% देगा।

Mutual Fundमासिक SIPनिवेश की कुल राशि CAGR Profit कुल रिटर्न  30 साल का रिटर्न  
SBI Blue Chip Fund – Direct Plan – Growth10001,20,00012.69%1,22,1242,42,12441,21,075
SBI Blue Chip Fund – Regular Plan – Growth1000 1,20,00012%1,12,3392,32,33935,29,914

आप अपने से SIP Calculator का इस्तेमाल करके ये देख सकते हैं। ये तो सिर्फ Expense Ratio का प्रॉफ़िट हैं। इसके अलावा भी आपको अपने Expense ratio जो बच गया वो भी तो निवेश होगा Mutual Fund, तो उस पर भी तो प्रॉफ़िट बनेगा।

Direct vs Regular Mutual Fund : चलिए इन सब चीजों को एक टेबल से आसानी से समझते हैं।

Direct vs Regular Mutual Fund में से किसे चुने

इन दोनों में से कौन सा आपके लिए बेहतर हैं ये बहुत चीजों पर निर्भर करता हैं जैसे की आपकी शेयर मार्केट में कितना ज्ञान हैं, आपके पास समय हैं की नहीं चीजों को देखने के लिए, इत्यादि। नीचे कुछ प्रमुख कारण दी गई है जिससे आपको थोड़ी सुविधा होगी।

Direct Mutual Funds

  • ऐसे निवेशक जो खुद से निर्णय ले सकते हैं और थोड़ा सा शेयर मार्केट के बारे में जानते हैं। वो अपनी रिसर्च करके अपने लिए सबसे सही Mutual Fund चुन सकते हैं।
  • जिनके लिए 1% मायने रखता हैं। जो निवेशक ये समझते हैं की सिर्फ 1% भी आपको अच्छा खासा नुकसान पहुचा सकते हैं। फालतू के फीस देने से बचते हैं और चीजों को अपने हाथ में रखना चाहते हैं।
  • अब ये दोनों चीज वैसे निवेशक कर सकते हैं जो थोड़े Experience वाले निवेशक हैं।

Regular Mutual Funds

  • ऐसे निवेशक जिन्हे थोड़ी experts और professionals की जरूरत हैं।
  • जिनके पास समय नहीं हैं की वो अपने निवेश को मैनेज करे और समय समय पर सुधार करते रहें।
  • अब जिन्हे शेयर मार्केट और निवेश की दुनिया की जानकारी उतनी नहीं हैं वो कही ना कही फीस के माध्यम से अपना नुकसान करते हैं। इसलिए ये उनके लिए हैं जो अभी अभी निवेश करना शुरू कर रहे हैं।

Direct Mutual Funds के फायदे

  • कम expense ratio
  • लंबे समय में ज्यादा रिटर्न
  • कंपनी से सीधा डील

Regular Mutual Funds के फायदे

  • Experts Advice मिलता हैं KBC वाला (JK)।
  • खुद से दिमाग खर्च करने की जरूरत नहीं हैं।

Direct vs Regular Mutual Fund : चलिए इन सब चीजों को एक टेबल से आसानी से समझते हैं।

विशेताएँDirect Mutual FundsRegular Mutual Funds
Expense ratioकमज्यादा
Commissionकुछ नहींfinancial advisor और broker को दिया जाता हैं
ReturnsExpense ratio कम होने के कारण रिटर्न ज्यादाExpense ratio ज्यादा होने के रिटर्न कम होते हैं Direct की तुलना में
किस के लिए सहीजो अपना निवेश खुद से कर सकते हैं और अपने निर्णय खुद से ले सकते हैंजो एक Professional मदद चाहते हैं अपने निवेश को करने के लिए।

अंत में

Direct और Regular Mutual Funds में से चुनना पूरी तरह से आपके निवेश का लक्ष्य, आपका रिस्क लेने की छमता, आपका शेयर मार्केट में ज्ञान और आपके पास कितना समय हैं उस पर निर्भर करता हैं।

जाहीर सी बात हैं अगर आपका काम कोई और करेगा तो वो फीस तो लेगा ही। अगर आप थोड़ा सा ध्यान दे तो अपने निवेश में बहुत सारा पैसा फीस देने से बचा सकते हैं।

पर अगर आप ये सब चीज नहीं कर सकते हैं तो बेहतर होगा आप Regular Plan के साथ आगे जाए। आप इन दोनों के बारे में और अच्छे से पढ़े और अपने निवेश को और ऊंचाई पर ले जाए।

उम्मीद करते हैं आपको कुछ जानकारी मिली होगी। अगर आपको फिर भी कुछ दिक्कत होता हैं तो आप नीचे कमेन्ट करके पुछ सकते हैं।

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