ETF Meaning in Hindi, Exchange Traded Fund क्या होते हैं?

ETF Meaning in Hindi

निवेश करने के बहुत से तरीके हैं। कुछ लोग शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं, कुछ लोग Mutual Funds में और कुछ लोग निवेश के पुराने तरीके अपनाते हैं जैसे की सोना खरीदना या Fixed Deposit करना। इन सभी के अपने अपने फायदे और नुकसान हैं।

पिछले कुछ वर्षों में ETFs ने निवेशकों का ध्यान अपने तरफ खीच लिया हैं क्योंकि इसमें Risk थोड़ा कम हैं और रिटर्न भी ठीक ठाक हैं। इस लेख में ETFs क्या होता हैं? ETFs कितने प्रकार के होते हैं? ETFs आप कहा से खरीद सकते हैं इत्यादि जैसी जानकारी दी गई हैं।

इन सब को समझने से पहले हमे ETFs क्या होते हैं वो समझना पड़ेगा और ETFs समझने से पहले हमे Mutual Funds और Index Funds समझना पड़ेगा। ऐसा इसलिए की सब एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और एक दूसरे की कमी को पूरा करता हैं। इन सभी के अपने अपने फायदे और नुकसान होते हैं।

Mutual Funds क्या होते हैं और कैसे काम करते हैं?

Mutual Funds में बहुत सारे लोग कुछ कुछ पैसा (100–200–500 इत्यादि) एक Mutual Fund कंपनी जिसे Asset Management Company (AMC) को देते हैं। अब ये AMC इन सारे पैसे को अपने Experts और professionals की टीम की मदद से शेयर बाजार या अन्य निवेश विकल्प में लगती हैं। जैसे जैसे कंपनी का पैसा बढ़ता हैं वैसे वैसे आपको भी प्रॉफिट होता हैं। ऊपर ऊपर से Mutual Funds ऐसे ही काम करती हैं।

Index Funds क्या होते हैं और कैसे काम करते हैं?

Index Funds भी Mutual Funds की ही तरह होता हैं। इसमें भी बहुत सारे लोग SIP या lump sum के माध्यम से अपने पैसों को AMC को देती हैं। अब यहां पर Index Funds में क्या होता हैं की ये AMC आपके दिए हुए पैसों को निवेश करने के लिए एक टीम जो की experts और professionals की होती हैं उसे नही रखते हैं। ये कंपनियां उन पैसों को सीधा Index में निवेश कर देती हैं। Index का मतलब Sensex और Nifty हैं। Index में निवेश करने का मतलब है की जिस तरह से एक Index में जो जो कंपनी है और जिस percentage में हैं उसी हिसाब से वो पैसा उस इंडेक्स में लग जाता हैं। अलग अलग Indexes होने के कारण अलग अलग Index Funds भी होते हैं।

Mutual Funds और Index Funds दोनों को ही AMC या Mutual Funds कंपनी ही बेचती हैं और अपने खर्चे के लिए वो आपसे Expense Ratio फीस के तौर पर वसूलती हैं। इनको समझने के बाद आप ETFs को आसानी से समझ पायेंगे।

ETFs क्या होते हैं?

ETF का full form Exchange Traded Funds होता हैं। ये ETFs Mutual Funds ही होते हैं जिन्हें आप शेयर मार्केट में खरीद और बेच सकते हैं। आप नाम से भी समझ सकते हैं को ये exchange पर trade होने वाले funds हैं। ज्यादातर ETFs Index में ही निवेश करते हैं। अगर आप सोच रहे होंगे कि अगर ETFs भी Index में ही निवेश करते हैं तो इसमें और Index Funds में क्या अंतर हैं? Index Funds में आप किसी AMC को पैसा देते हैं निवेश करने के लिए पर ETFs में आप बाजार में किसी और इंसान को पैसा देते हैं निवेश करने के लिए।

एक उदाहरण से Index Funds, Mutual Funds, ETFs और शेयर मार्केट में निवेश को समझते हैं ।

मान लीजिए आपके पास आप निवेश करना चाहते हैं। अब आप इन चारो में से किसी में भी निवेश कर सकते हैं।

1. अगर आप Mutual Funds में निवेश करना चाहते हैं तो कोई Mutual Fund Company से Mutual Fund खरीद सकते हैं। ये Funds Equity, Debt, Hybrid और अन्य प्रकार के होते हैं। उदाहरण के लिए –SBI Blue Chip Fund, HDFC Top 100 Fund, Kotak Bond Fund इत्यादि।

2. अगर आप शेयर मार्केट में निवेश करना चाहते हैं तो आप Tata Motors, Reliance Industries, State Bank of India इत्यादि जैसे कंपनी का शेयर खरीद सकते हैं। इसके लिए आपको किसी ब्रोकर जैसे की Zerodha, Upstox, AngelOne की जरूरत पड़ेगी।

3. अगर आप Index Funds में निवेश करना चाहते हैं तो आप SBI NIFTY Index Fund, Nippon India Index Nifty 50 Fund, इत्यादि में निवेश कर सकते हैं। आप इसे Mutual Fund कंपनी (AMC) से खरीद सकते हैं।

4. और अगर आप ETFs में निवेश करना चाहते हैं तो आप Gold ETFs, Equity ETFs और Debt ETFs में पैसा लगा सकते हैं। ये ETFs आप NSE या BSE से खरीदते हैं जो को एक शेयर खरीदने के जैसा ही हैं। उदाहरण के लिए – NIFTYBEES, BANKBEES, SBI ETF NIFTY इत्यादि।

ETFs कैसे काम करता हैं?

कोई AMC जब ETFs लाती हैं तो वो बाजार में उसके कुछ शेयर या units trading के लिए जारी करती हैं। ये बिलकुल ही IPO के जैसा हैं। बस फर्क ये हैं उसमे कंपनी ना होकर Fund होता हैं। Mutual Fund के दुनिया में इसे New Fund Offering कहते हैं। एक बार उस AMC ने ETFs जारी कर दिए तो वो बाजार में trade होने लगता हैं और फिर निवेशक उसे खरीद या बेच सकते हैं। ETFs की कीमत भी demand और supply के ऊपर निर्भर करता हैं।

एक उदहारण से समझते हैं: मान लीजिए कोई Mutual Fund कंपनी NIFTY Index का 100 करोड़ का ETF जारी करना चाहती हैं। तो अब वो Mutual Fund कंपनी 100 करोड़ Nifty Index में निवेश कर देगी या ऐसे बोलिए की बाजार से पैसा उठाकर वो Index खरीद लेगी। मतलब की जैसे जैसे Nifty में कंपनी हैं वैसे वैसे शेयर खरीद लेगी।

अब इस 100 करोड़ के ETF के लिए लोग apply करेंगे जैसा की एक IPO के लिए करते हैं। अगर आप उसी समय ETFs को खरीदेते हैं तो आप सीधा कंपनी से ETF खरीद रहे हैं जैसा की IPO में होता हैं। उसके बाद वो exchange में लिस्ट होगा और फिर लोग उसे खरीद और बेच पायेंगे। अब चूंकि ये Nifty का ETF हैं तो ये बिलकुल ही उसी तरह रिटर्न देगा। ज्यादातर ETFs किसी ना किसी Index का ही पीछा करते हैं।

ETF कितने प्रकार के होते हैं?

ETF मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं – Equity, Debt, और Gold।

ये बिलुकल ही इनके निवेश करने के तरीके पर निर्भर करता हैं। अगर कोई ETF Equity में निवेश करता हैं तो उसे Equity ETF कहते हैं। ठीक उसी तरह बाकी के दोनों हैं। आप इसे Equity और Debt Mutual Fund से तुलना करके भी समझ सकते हैं।

Equity ETF में भी अलग अलग Index होने के कारण अलग अलग ETFs होते हैं। उदाहरण के लिए NIFTYBEES, BANKBEES, JUNIORBEES इत्यादि।

ETF में जो सबसे लोकप्रिय हैं वो हैं सोना और इसलिए Gold ETF बहुत सारे निवेशकों की पहली पसंद होती हैं।

ETFs कैसे खरीदे?

ETFs खरीदने का सबसे अच्छा तरीका हैं पहले आप एक Index को चुन ले। उसके बाद आप NSE या BSE के वेबसाइट से पूरा ETFs का लिस्ट निकाल लीजिए। उदाहरण के लिए NSE के ETFs आप इस लिंक (NSE ETFs Link) पर जाकर देख सकते हैं। अगर आपको Gold ETFs में पैसा निवेश करना हैं तो आप वो भी कर सकते हैं।

इसके बाद आप अपने चुने हुए Index या Gold के ETFs के कंपनी चुन लिजिए। उदहारण के लिए Nifty का ETF ICICI Prudential AMC, Kotak AMC, Motilal Oswal AMC, SBI AMC, UTI AMC, NIPPON इत्यादि जैसी AMC जारी करती हैं। इनके कोड आप NSE के वेबसाइट से देख सकते हैं। बस उसके बाद जैसे आप शेयर खरीदते हैं वैसे ही इन्हे खरीद ले।

कोई भी ETF खरीदने से पहले आप उसका Expense Ratio देख लीजिए। इसके साथ ही आप उस ETF का Tracking Error भी देख सकते हैं। आपको पुराने रिटर्न और Volume तो देखने ही हैं।

ETFs के फायदे और नुकसान

आप ETFs को real-time में खरीद और बेच सकते हैं। Index Funds में निवेश करते समय क्या होता हैं की उस Index Fund का NAV हर दिन तय किया जाता हैं। और अगर आपका SIP हैं तो अब ये फर्क नही पड़ता हैं को NAV ज्यादा हैं या कम, म्यूचूअल फंड कंपनी आपका निवेश कर देगी।

दूसरी तरफ वही ETFs चूंकि शेयर मार्केट में trade होते हैं इसलिए इनका कीमत हर पल बदलते रहता हैं। तो अगर कोई Bank NIFTY का ETF है तो वो Bank Nifty की ही तरह ऊपर नीचे होते रहेगा और आप उसको देख कर जब कीमत कम हो अपना निवेश कर सकते हैं।

जैसा की ETFs भी Index Funds की तरह होते हैं तो इसमे भी आपको अच्छा diversification करने का मौका मिलता हैं।

Index Funds की तुलना में ETFs कम जल्दी से खरीदी और बेची जाती हैं। हालांकि दोनों की Liquidity अच्छी हैं पर कुछ कुछ ETFs को बेचना थोड़ा मुश्किल हो जाता हैं। अब ऐसा इसलिए क्यूंकी ETFs एक शेयर की तरह होते हैं, कोई बेच रहा हैं तो कोई खरीदने वाला खड़ा होगा तभी वो ETFs बिकेगा। इसलिए बहुत जरूरी हैं की आप ETF खरीदने से पहले उस ETF की Volume को देख लीजिए। भारत के कुछ अच्छे ETF नीचे दिए गए हैं:

  • Nippon India ETF Nifty 50 BeES
  • Nippon India ETF Nifty PSU Bank BeES
  • Nippon India ETF Nifty Bank BeES
  • CPSE ETF
  • Nippon India ETF Gold Bees

ETFs और Index Funds की फीस लगभग बराबर होती हैं। SBI Nifty Index Direct Plan का expense ratio 0.18% हैं वही SBI Nifty 50 ETF 0.04% हैं। हालांकि आपको STT और brokerage भी लगता हैं। इन सब को मिलकर आप हिसाब करेंगे तो लगभग एक जैसा ही आएगा।

अंत में

ETF एक बहुत ही अच्छा निवेश का विकल्प बन जाता हैं जब आप थोड़ा थोड़ा मार्केट को समझने लगते हैं। बस आपको करना ये हैं की जिस दिन मार्केट गिर गया हैं उस दिन ETF खरीद लेना हैं। ETF में कम फीस पर आप ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं। पर कुछ जरूरी चीजे जैसे की Index कौन सा हैं, कितना Expense Ratio हैं या फिर tracking error कितना हैं वो सब देख लीजिए।

उम्मीद करते हैं आपको ETF से संबंधित कुछ जानकारी मिली होगी। अगर आपको कुछ समझ में ना आया हो तो आप नीचे कमेन्ट करके पुछ सकते हैं।

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