Face Value, Market Value और Book Value क्या होता हैं

Face Value Vs Book Value vs Market Value

जब भी बात कंपनी या शेयर की value निकालने की आती हैं तो सारे प्रोफेशनल एक्स्पर्ट्स कंपनी की Valuation करते हैं। Valuation से हम किसी भी कंपनी की Financial data को अच्छे से समझ कर एक निष्कर्ष निकलते हैं। ये एक तरह से Fundamental Analysis का हिस्सा हैं। शेयर मार्केट में बहुत से Ratios और metrics है जिसे analyst Fundamental Analysis करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। उन्ही में से ये तीन – Face Value, Market Value, और Book Value एक अहम भूमिका निभाते हैं। इस आर्टिकल में इन तीनों Values के बारे में बताया गया हैं। आप इसे समझ कर एक सही निर्णय ले पाएंगे की पैसा कहा, कब और कितना निवेश करना हैं।

Face Value क्या होता हैं?

Face Value को हिन्दी में अंकित मूल्य कहा जाता हैं। Face Value (FV) को PAR Value और Nominal Value भी कहा जाता हैं। ये किसी कंपनी या किसी शेयर के नाममात्र मूल्य से भी समझा जाता हैं। एक उदाहरण से आसनी से समझते हैं की Face Value क्या होता है और कैसे निकलता हैं ?

मान लीजिए आप कोई कंपनी लगाने की सोचते हैं और आप अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक कंपनी चालू करते हैं। ऐसा होता है की कोई भी कंपनी चालू करने के लिए पैसा लगता है जिसे हैं Equity Capital बोलते हैं। अगर आप 3 दोस्त हैं तो तीनों कुछ कुछ पैसा मिलकर 100 रुपये जमा करते हैं। अब इसके बदले आपको कंपनी में हीसेदारी मिलती है जो की शेयर के रूप में होती हैं। तो अगर आप लोगों ने मिलकर बोला की हम कंपनी की 50 शेयर जारी करेंगे। तो अभी इस 50 शेयर की कुल कीमत 100 रुपया हैं। तो एक शेयर की कीमत जो कंपनी ने शुरू में ही तय की उसे ही Face Value बोलते हैं। फिर आप अपने हिसाब से 50 शेयर में से अपने लगाए हुए पैसे के हिसाब से शेयर ले सकते हैं।

Face Value Formula

इस उदाहरण में Equity Capital = कुल shares x Face value जो की होगा 100 = 50 x 2 रुपया।

या फिर Face Value = Equity Capital/ शुरू में जारी किए हुए कुल शेयर = 100/50 = 2 रुपया

Face Value का महत्व

वैसे तो शेयर मार्केट में Face Value में कुछ खास काम होता नहीं हैं। कोई भी शेयर कभी भी Face Value पर trade नहीं होता हैं। Face Value के कुछ जरूरी बातें नीचे दी गई हैं:

  • SEBI ने नियम बनाया हैं की किसी भी शेयर की कम से कम Face Value 1 रुपया होगी।
  • Stock Split होते वक्त भी Face Value की जरूरत पड़ती हैं
  • जो कंपनी dividend देती हैं उसके लिए भी Face Value जरूरी होता हैं
  • अगर कोई शेयर Face Value से अधिक कीमत में ट्रेड कर रहा होता है तो उसे Trading At A Premium कहते हैं।
  • अगर कोई शेयर Face Value से कम कीमत में ट्रेड कर रहा होता है तो उसे Trading At A Discount कहते हैं।
  • Face Value लगभग fixed ही रहता हैं, शेयर की कीमत की तरह ऊपर नीचे नहीं होता हैं। हालांकि जब stock split होता हैं तब कीमत बदल सकती हैं।

Face Value को कैसे चेक करें

Face Value calculate करने की जरूरत नहीं हैं। आप किसी भी वेबसाईट (moneycontrol उदाहरण के लिए) पर किसी भी कंपनी का face value देख सकते हैं। इसके अलावा आप NSE और BSE की वेबसाईट पर जाकर भी देख सकते हैं। लेकिन अगर आपको मेहनत करना हैं तो आप खुद से निकाल भी सकते हैं।

Book Value क्या होता हैं

बुक Value असल में कंपनी की औकात बताता हैं। ये हिसाब किताब कंपनी के Balance Sheet में रहता है। अगर कोई कंपनी की सारी Assets बिक जाती हैं और जो भी Liabilities उसे खतम कर दिया जाता हैं तो जो बच जाएगा उसे बुक Value बोलेंगे। Book Value को Shareholders Equity भी कहा जाता है। किसी शेयर की Book Value निकालने से पहले हमे कंपनी की Book Value निकालनी होती हैं।

Book Value Formula

Book Value = Total Assets – Total Liabilities

अब अगर कंपनी के book Value को कुल शेयर से भाग कर देंगे तो एक शेयर का book Value निकाल जाएगा। एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए एक कंपनी के total assets 100 रुपया का हैं जिसमे उसकी 20 रुपया की liabilities हैं। तो हमारी कंपनी की बुक value होगी = 80 रुपया।

Book Value per शेयर = Book Value/ कुल जारी किए हुए शेयर

Book Value per शेयर = Shareholder Equity/ कुल जारी किए हुए शेयर

अगर उस कंपनी ने 50 शेयर जारी किए हैं तो एक शेयर की बुक value 80/50=1.6। बुक Value इतना कम नहीं होता हैं, बस calculation के लिए थोड़ा स सरल बनाए हैं। Book Value और Shareholder Equity में confuse ना हो। देखिए कंपनी के कुल assets और liabilities का हिसाब करने के बाद जो पैसा बचेगा वो किसका होगा, वो तो shareholder का ही होगा ना। इसलिए कही कही Shareholder Equity भी लिखा हुआ रहता हैं।

Book Value का शेयर मार्केट में महत्व

शेयर मार्केट में बुक Value से आप बात सकते है की शेयर की कीमत कम है या ज्यादा। अगर शेयर की कीमत बुक value से ज्यादा हैं तो शेयर Overvalued है और ठीक इसका उल्टा अगर शेयर की कीमत book value से कम हैं तो शेयर undervalued हैं। अब इसका ये मतलब नहीं है की आप कंपनी के शेयर को खरीद ले। और भी बिन्दु हैं जिनको आप देख सकते हैं शेयर खरीदने से पहले।

  • अगर आप Value Investing करते है तो एक अच्छा book Value वाला शेयर आपकी पहली पसंद हो सकती हैं।
  • एक अच्छा book Value शरहॉल्डर्स को आकर्षित करता हैं जिससे बाजार में उस कंपनी की reputation बढ़त हैं।
  • आप एक ही सेक्टर अलग अलग कंपनी के बुक value की तुलना कर के एक निष्कर्ष निकाल सकते हैं।

Market Value क्या होता हैं

Market Value, जिसे अक्सर लोग Market Capitalization से confuse होते है दरअसल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। Market Value एक शेयर के लिए होता हैं और Market Cap पूरे कंपनी के लिए। दोनों ही demand और supply के हिसाब से ऊपर नीचे होते रहता हैं।  आप ऐसे समझ सकते हैं की आज के तारिक में जो भी किसी शेयर की कीमत होगी वो उस शेयर की Market Value हैं। Market Value निवेशक की रुचि, demand supply, कंपनी के growth इत्यादि के ऊपर निर्भर करता है।

Market Value कैसे चेक करे

मार्केट value एक शेयर की कीमत हैं तो आप उसे आसानी से देख सकते हैं। Market Cap = Market Value x कुल जारी किए हुए शेयर

Market Value का शेयर मार्केट में महत्व

देखिए अगर मार्केट value किसी भी शेयर की ज्यादा हैं उसके book value से तो आप ये समझ सकते हैं की निवेशक उस कंपनी के ऊपर बहुत भरोसा करते हैं। अब ऐसा इसलिए क्यूंकी उस कंपनी ने अच्छे profit दिखया हो। या फिर ऐसा उम्मीद किया जा रहा है की आने वाले समय में कंपनी बहुत ही अच्छा काम करेगी। Market Value कम ज्यादा होने के एक मुख्य कारण कंपनी का intangible assets होता हैं जैसे की Brand Value, Copyrights, Technology। अब इनसब के कारण मार्केट वैल्यू ऊपर जा सकत हैं जो की Book of Accounts में नहीं दिख सकता हैं।

शेयर की कीमत ऊपर जाने का ये Intangible Assets एक बहुत ही मुख्य कारण होता हैं।

Market Value vs Book Value

देखिए face value शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए उतना कुछ बताता नहीं हैं इसलिए उसपर ज्यादा चर्चा करने से कोई फायदा नहीं हैं। बाकी Market Value aur Book Value से बहुत सी चीजे सामने आती हैं।

Sl. No.Book valueMarket value
मतलबबुक Value कुल assets में से कुल libalities को घटाने के बाद आती हैंमार्केट value उस शेयर की कीमत होती हैं
कैसे चेक करेंबुक Value को आप कंपनी के Books of Accounts में देख सकते हैंमार्केट value आप कंपनी के records में नहीं देख सकते हैं
उतार चढ़ाओज्यादातर समय बुक वैल्यू में कोई अंतर नहीं आता हैं।मार्केट वैल्यू तो बदलते रहता हैं क्यूंकी शेयर की कीमत ऊपर नीचे होते रहती हैं
Valuation कैसे करेंएक शेयर की बुक वैल्यू निकालने के लिए बुक वैल्यू को कुल जारी किए हुए शेयर से भाग करना होता हैंमार्केट cap निकालने के लिए शेयर की कीमत को कुल जारी किए गए शेयर से गुना करना होता हैं
कौन देखता हैंbook वैल्यू का ज्यादातर इस्तेमाल कंपनी एक experts और professionals करते हैंमार्केट वैल्यू निवेशक के लिए है
Investment कैसे करेंबुक वैल्यू को अच्छे से पढ़ कर आप लंबे समय के लिए भी निवेश कर सकते हैमार्केट वैल्यू देखकर छोटे समय के लिए निवेश किया जा सकता हैं

Face Value Summary

  • Face Value security certificate में लिखा हुआ रहता हैं।
  • Face Value का कोई हिसाब किताब नहीं होता हैं मतलब की आप उसे calculate नहीं कर सकते हैं। ये fixed रहता हैं। अगर स्टॉक split हुआ तो ही face वैल्यू बदलता हैं।
  • Face Value का शेयर मार्केट में trading के लिए कुछ खास महत्व नहीं हैं हालांकि कानूनी कारवाई में Face Value जरूरी हैं।
  • Dividend देते समय भी Face Value देखा जता हैं।

अंत में

Finance और निवेश की दुनिया में  Face Value, Market Value, और Book Value को समझना जरूरी हैं। हर एक के अपने अलग अलग मतलब हैं और हर एक दूसरे से संबधित हैं। Face Value से कंपनी शुरू होता हैं, बुक Value को कंपनी खुद बनाता हैं और Market वैल्यू को लोग बना देते हैं। आप इन तीनों को अच्छे से समझकर अपने पैसे को निवेश करे। उम्मीद करते है आपको कुछ जानकारी मिली होगी, अगर फिर भी आपको कुछ चीज न समझ आए तो आप नीचे कमेन्ट करके पूछ सकते हैं।

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