Gross Revenue vs Net Revenue हिन्दी में

Gross Revenue vs Net Revenue

शेयर मार्केट में सही से पैसे निवेश करने के लिए आपको मुख्य रूप से दो तरह की analysis करनी पड़ती हैं। एक Fundamental Analysis और दूसरी Technical Analysis। अगर आप किसी कंपनी का Fundamental Analysis करते हैं तो आपको ये पता चलता हैं की आपको उस कंपनी में निवेश करना चाहिए या नहीं करना चाहिए।

Fundamental Analysis करने के लिए आपको business और finance से जुड़ी विभिन्न वित्तीय शर्तें और मेट्रिक्स को समझना जरूरी हैं। वैसे तो Finance और Accounts अपने आप में ही बहुत बड़ा विषय हैं पर हमे बस कुछ जरूरी चीजे जैसे की कुल राजस्व (Gross Revenue), शुद्ध राजस्व (Net Revenue), Gross Profit (सकल लाभ), Net Profit (शुद्ध लाभ) इत्यादि के बारे में जानकारी होनी ही चाहिए। इस लेख में Gross Revenue vs Net Revenue के बारे में जानकारी दी गई हैं जिसे आप आसानी से समझ पाएंगे। इसके अलावा आप इन सभी का हिसाब किताब भी कर पाएंगे।

Revenue का क्या मतलब होता हैं? Revenue Meaning in हिन्दी

अक्सर आपने अखबारों में न्यूज में सुना होगा की फलाना कंपनी ने 10 करोड़ का Revenue generate किया। किसी कंपनी का Revenue का मतलब होता हैं की उस company ने अपने सब कामों (अपनी वस्तुओं या सेवाओं की बिक्री) से कुल कितने पैसे कमाए। इसे अक्सर Top-line बोला जाता हैं क्यूंकी ये हिसाब करते वक्त सबसे ऊपर लिखा जाता हैं।

Revenue = Quantity Sold x Price per Unit + Additional Income

किसी भी कंपनी के लिए Revenue बहुत जरूरी होता हैं। क्युकी अगर इंसान पैसा ही नहीं कमाएगा तो कंपनी चलेगा कैसे। जैसे आप कुछ काम करते हैं आपको salary मिलती हैं, अगर salary मिलना ही बंद हो जाए तो आपके काम करने का क्या मतलब। ठीक उसी तरह अगर कोई कंपनी Revenue generate नहीं कर पा रही हैं तो कही न कही कुछ परेशानी की बात हैं। Profit का हिसाब करने के लिए भी Revenue जरूरी हैं।

Revenue कितने प्रकार के होते हैं?

राजस्व मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

  • Gross Revenue: ये एक कंपनी का कुल राशि होता हैं जिसे कंपनी अपने समान या सेवाएँ की बिक्री कर के लाती हैं। इसमे कोई भी खर्च घटाए नहीं जाते हैं।
  • Net Revenue: ये एक कंपनी का वो राशि हैं जो सामान या सेवाएँ की बिक्री में से खर्च घटाने के बाद आती हैं। Net Revenue बेहद जरूरी होता है क्यूंकी इसी से पता चलता हैं की कंपनी अपने काम के बाद अपने पास कितना पैसे बचा पा रही हैं।

Gross Revenue = Net Revenue + Expenses

Net Revenue = Gross Revenue – Expenses

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एक कंपनी बहुत से तरीके से Revenue बना सकती हैं या ऐसे बोल सकते हैं की एक कंपनी बहुत से तरीके से पैसे कमा सकती हैं। कुछ बहुत ही मुख्य तरीके हैं पैसे कमाने के:

  • कोई समान बेचकर (इसे ही Sales Revenue कहते हैं)
  • कोई सुविधा बेचकर ( Service Revenue)
  • अपनी प्रॉपर्टी भाड़े मे देकर  (Rent Revenue)
  • कोई निवेश करके (Investment Revenue)
  • Royalty से पैसे (Royalty Revenue)

इन सब के अलावा भी और तरीके हो सकते हैं। अब ये चीज उस कंपनी के काम के ऊपर निर्भर करता हैं। एक कंपनी कितना पैसे कमाती हैं ये बहुत सी चीजों पर निर्भर करता हैं। खैर अभी के लिए वो विषय नहीं हैं।

कुल मिलकर आसान शब्दों में बोल जाए तो किसी कंपनी का Revenue वो सारे पैसे होते हैं जो उस कंपनी ने कमाए हैं।

Revenue का आसान उदाहरण

एक उदाहरण से Net Revenue और Gross Revenue समझते हैं: मान लेते हैं की कोई कंपनी 50 रुपये एक बोतल बेचती हैं। और उस बोतल को बनाने का खर्च 28 रुपये हैं। उस कंपनी ने किसी महीने 100 बोतल बेच दिए।  मतलब की कुल बेची हुई बोतल की लागत हैं 2800 रुपया।

तो हमारा Gross Revenue: 50 x 100 = 5000 रुपया होगा। और हमारा Net Revenue = 5000 – 2800 = 2200 रुपया होगा। ये तो एक बहुत ही आसान सा उदाहरण हो गया।

Revenue का थोड़ा सा मुस्किल उदाहरण

थोड़ा मुश्किल उदाहरण से समझते हैं। इसके लिए किसी बड़ी कंपनी का उदाहरण लेते हैं। मान लेते हैं एक कंपनी हैं जो गाड़ी बेचती हैं। एक गाड़ी की कीमत 60 हजार हैं और उस कंपनी ने एक साल में 1,200 गाड़ी बेच दी हैं। इसके अलावा वो कंपनी उस गाड़ी की मरम्मत और servicing भी करती हैं। एक गाड़ी की servicing की कीमत 500 रुपया हैं और एक साल में कंपनी ने 5,000 गाड़ी की servicing की हैं।

उस कंपनी ने अपने कुछ जगह को दूसरे किसी कंपनी को भाड़े में भी दिया हैं जो की 20,000 महिना हैं। और अंत में कंपनी कुछ पैसे शेयर मार्केट में भी निवेश करती हैं जिससे उसे एक साल में 60,000 का मुनाफा हुआ हैं।

तो अभी हम Gross Revenue समझते हैं:

  • हमारी कंपनी का Sales Revenue होगा: 60,000 x 1200 = 72000000 (7 करोड़ 20 लाख)
  • Service Revenue: 500 x 5000 = 2500000 (25 लाख)
  • Rent Revenue : 20,000 x 12 = 240000 (2 लाख 40 हजार)
  • Investment Revenue : 60,000 = 60000 (60 हजार)

इन सब को जोड़ने के बाद जो आएगा वही हमारा Gross Revenue होगा। इस उदाहरण में Gross Revenue = Sales Revenue+ Service Revenue + Rent Revenue+ Investment Revenue = 74800000 रुपया ( 7 करोड़ 48 लाख)

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Net Revenue क्या होता हैं समझे उदाहरण के साथ

Net Revenue समझने से पहले ये समझते हैं की गाड़ी को बनाने में खर्च आए होंगे, गाड़ी की servicing करने में भी कुछ खर्च आए होंगे , रेंट पर जो जगह उसका भी कुछ खर्च होगा और निवेश करने के लिए भी कुछ खर्च होंगे।

  • COGS मान लेते हैं 38000 रुपया हैं। COGS का मतलब होता हैं Cost of Goods Sold, यानि गाड़ी की कीमत कितनी हैं, उसके ऊपर ही तो प्रॉफ़िट का हिसाब करके Selling Price निकलता हैं। तो हमारा कुल cogs होगा : 1200 x 38,000 = 45600000 (4 करोड़ 56 लाख)
  • Marketing के खर्चे मान लेते हैं 3,00,000 रुपया (3 लाख) हैं
  • Servicing का खर्च मान लेते हैं 5,00,000 (5 लाख)
  • Office और admin का खर्च 10,00,000 (10 लाख)
  • जमीन का टैक्स और निवेश करने के लिए experts का सैलरी: 3,00,000 (3 लाख)

इन सब खर्चों को जोड़कर हमारा कुल expenses निकाल जाएगा जो की हैं : 45,600,000+3,00,000+5,00,000+10,00,000 +3,00,000 = 47700000 (4 करोड़ 77 लाख)

अब हमारा Net Revenue = Gross Revenue – Expenses = 74800000 – 47700000 = 27100000 (2 करोड़ 71 लाख)

इसके अलावा भी बहुत सारी चीजे होती हैं जैसे अगर कंपनी ने त्योहार में कुछ डिस्काउंट दिया हो या फिर कुछ चीजे एक्स्ट्रा खर्चे आ गए हैं। पर आपको मोटा मोटी समझ में आ गया होगा की Gross Revenue और Net Revenue क्या होता हैं।

निवेश करने से पहले Revenue जरूर देखे

देखिए शेयर मार्केट में पैसा निवेश करने से पहले जब आप fundamental analysis करते हैं उस वक्त आपको Revenue बहुत सी जरूरी चीजे बताता हैं।

  • Revenue किसी भी कंपनी का Top-Line होता हैं। ये बहुत ही जरूरी मेट्रिक हैं किसी भी कंपनी का financial health देखने के लिए।
  • एक बढ़ता हुआ revenue एक बढ़ती हुई कंपनी की पहचान हैं। मतलब की ऐसा उम्मीद किया जा सकता हैं की वो कंपनी भविष्य में अच्छे पैसे बना सकती हैं।
  • Revenue में स्थिरता भी होनी जरूरी हैं। मतलब ये की कंपनी के revenue में ज्यादा उतार चढ़ाओ न हो, अगर ऐसा हैं तो आप ये समझ सकते है की बाजार में थोड़ा सा ऊपर नीचे होने से कंपनी पर बहुत असर पड़ रहा है जो की अच्छी बात नहीं हैं।
  • दूसरे किसी कंपनी का revenue के साथ तुलना कर के आप अंदाज लगा सकते हैं की कौन बेहतर काम कर रहा हैं।
  • एक कंपनी की कितनी औकात हैं वो भी आप revenue से पता कर सकते हैं। आसान भाषा में मार्केट में पकड़ हैं की नहीं वो पता चलता हैं।
  • बहुत से margins में revenue का इस्तेमाल होता है जिससे आपको आसानी से नंबर देख कर पता चल जाता है की कंपनी कैसी हैं।

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Revenue vs Profit

  • Revenue और प्रॉफ़िट में जमीन आसमान का अंतर हैं चाहे वो gross हो या net.
  • Net Revenue और operating profit में भी जमीन आसमान का अंतर हैं।
  • Gross Profit = Gross Revenue – COGS

अंत में

Revenue का fundamental analysis करने के लिए इस्तेमाल होता हैं। अगर आप एक कंपनी के business model को समझना चाहते हैं तो आप देखिए की वो कंपनी Revenue कहा से generate कर रही हैं। अगर आप business मोडेल को समझ गए तो आप ये समझ पाएंगे की बाजार में उतार चढ़ाओ कब आएगा और फिर आप उस हिसाब से निवेश करके अच्छे पैसा बना सकते हैं। उम्मीद करते है आपको कुछ जानकारी मिली होगी। कही पर कुछ न समझ आया हो तो आप नीचे कमेन्ट करके पूछ सकते हैं।

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