Intraday और F&O पर कितना Tax लगता हैं (हिन्दी में)

Share market Tax Rules 2023

हर दिन शेयर मार्केट से बहुत से लोग लाखों पैसे कमाते हैं। Intraday Trading और Futures and Options (F&O) Trading दोनों ही काफी लोकप्रिय हैं। इन दोनों में अगर आप अच्छे से निवेश करे तो आप दिन दुगनी और रात चौगुनी तरीके करेंगे। अब जितना ज्यादा आप की income होगी उसी हिसाब से आपको सरकार को tax भी देना होगा।

इस आर्टिकल में Intraday Trading और Futures and Options (F&O) पर टैक्स कैसे लगता हैं उसके बारे में बताया गया हैं।

Speculative और Non-Speculative बिजनस इंकम 

अगर आपको Equity delivery से कुछ प्रॉफ़िट हुआ हैं तो वो Capital Gains में गिना जाता हैं और उसका tax का नियम अलग हैं। Intraday और Futures and Options (F&O) से हुए प्रॉफ़िट business इंकम में आते हैं। इन दोनों को भी अलग अलग भाग में विभाजित किया गया हैं।

Speculative बिजनस इंकम

अगर आपको Intraday Trading से कुछ प्रॉफ़िट हुआ हैं तो उसे Speculative Business Income कहते है। अब ऐसा इसलिए क्यूंकी आप उस शेयर की delivery नहीं ले रहे हैं। Intraday Trading का मतलब ही वही होता हैं की आप किसी भी शेयर को आज ही खरीदे और आज ही मार्केट बंद होने के पहले बेच दे। Intraday बहुत ही रिस्की होता हैं।

Non Speculative बिजनस इंकम

अगर आपको F&O से कुछ भी प्रॉफ़िट हुआ हैं तो Non Speculative बिजनस इंकम में गिना जाएगा। F&O Non Speculative माना जाता हैं क्योंकि Future and Options hedging और पहले से निर्धारित contracts की डिलीवरी लेने/देने के लिए किया जाता है। इसे आप एक नॉर्मल बिजनस इंकम के तरह भी समझ सकते हैं। कहने का मतलब ये की अगर आपका एक दुकान हैं और आप F&O कर रहे है तो दोनों एक ही तरह से देखे जाएंगे।

सरकार ने इन दोनों को अलग अलग दर्जा देकर रखा हैं पर दोनों ही बिजनस में आते हैं।

Intraday Trading पर टैक्स कैसे लगता हैं

Intraday Trading में आप एक ही दिन अपना profit या loss बनाते हैं। जैसे की Intraday Speculative बिजनस इंकम में आता हैं, आपको अपने Intraday profit को अपने सारे इंकम (सैलरी, अन्य business income, बैंक से मिले ब्याज, किराया इत्यादि) में जोड़कर अपने tax slab के हिसाब से tax भरना पड़ेगा।

उदाहरण से समझते हैं

मान लीजिए आपको Intraday Trading से 1 लाख का प्रॉफ़िट हुआ हैं। अब ये 1 लाख आपका speculative income हैं। ये प्रॉफ़िट आपके कुल इंकम में जुड़ जाएगा। अगर आपकी कुछ सैलरी हैं, कही से किराया आता हैं, बैंक के FD से कुछ ब्याज आता हैं, इन सबको को मिलकर आपकी कुल इंकम अगर 10 लाख हो जाती हैं, तो आपकी ये 10 लाख और Intraday trading वाली 1 लाख, कुल 11 लाख पर tax भरना पड़ेगा। इसके लिए आप Tax Slab देख सकते हैं की आप किस श्रेणी मे आते हैं।

ये तो हुआ प्रॉफ़िट का बात, अगर loss हुआ तो क्या कर सकते हैं। अगर आपको Intraday Trading से loss होता हैं तो उसे Speculative loss कहते हैं। इंकम टैक्स में क्या होता हैं की अगर आप ITR में ये दिखाते हैं की आपको loss हुआ हैं तो आप उसे अगले 4 साल तक carry कर सकते हैं।

इसका मतलब ये हुआ की अगर अगले 4 साल तक उस loss को अपने प्रॉफ़िट से घटा सकते हैं जब तक आपका loss recover नहीं हो जाता हैं। जो राशि बच जाएगा उसी पर आपको tax लगेगा। उदाहरण के लिए अगर आपको इस साल 1लाख का loss हुआ और अगले साल आपको 4 लाख का प्रॉफ़िट हुआ तो आपको 4-1=3 लाख को ही अपने इंकम में जोड़कर टैक्स देना हैं।

नोट- Speculative loss को आप सिर्फ 4 साल (Assessment Years) तक carry कर सकते हैं और सिर्फ Speculative Gain से ही set-off कर सकते हैं।

F&O Trading पर टैक्स कैसे लगता हैं

Futures and Options Trading (Equity, Currency, Commodity) ज्यादा पेंचीद हैं इसलिए इसमे और भी रिस्क। इसमे भी आपको Non-Speculative loss या gain हो सकता हैं। और Intraday के ही तरह इसमे में आपको कुल प्रॉफ़िट को आपकी सारी इंकम में जोड़कर tax slab के हिसाब से tax लगता हैं।

Non-Speculative बिजनस इंकम होने के कारण इसके loss को carry करने का अलग नियम हैं। Non speculative loss को आप 8 साल तक carry कर सकते हैं।

Non-Speculative loss को आप किसी भी business income के साथ set-off कर सकते हैं। जैसे की अन्य business income, बैंक से मिले ब्याज, किराया इत्यादि। सैलरी से नहीं कर सकते हैं जो की common sense से आप समझ सकते हैं। इसके अलावा आप Intraday के प्रॉफ़िट से भी F&O के loss को set-off नहीं कर सकते हैं।

किसी भी लॉस को set off करने के लिए आपको ITR भरना पड़ेगा। आप अपने हिस्साब से नीचे दिए गए फोटो में देख सकते हैं की कौन स ITR आपको भरना चाहिए।

intraday tax F&O tax

क्या Future और options में Deductions Claim कर सकते हैं

जैसा की F&O एक नॉर्मल business के तरह से देखा जाता हैं, आप इस बिजनस को चलाने वाले खर्चों को अपने कुल इंकम में से deduct कर सकते हैं। उसके लिए आपको रसीद रखना पड़ता हैं। कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं:

  • अगर आप किसी office में अपना F&O बिजनस कर रहे हैं तो उस ऑफिस का रेंट
  • Electricity बिल
  • इंटरनेट का खर्च
  • लैपटॉप या मोबाईल का खर्च (depreciation पर)
  • STT या brokerage
  • अगर आप लोन लेकर F&O कर रहे हैं तो उस लोन का interest

इन सब के अलावा और भी ऐसे खर्चे हो सकते हैं जो आप अपने F&O बिजनस के लिए करते होंगे। आप उन खर्चों का deductions दिखा सकते हैं।

अंत में

शेयर मार्केट में taxes को समझना बहुत जरूरी हैं क्यूंकी आपका एक अच्छा खासा कमाई को आप बचा सकते हैं। अब देखिए tax save करना और tax की planning करना बहुत जरूरी हैं। और इन दोनों के लिए आपको सही जानकारी होनी चाहिए। बिना जानकारी के आप अपने tax को नहीं बचा पाएंगे। Intraday और F&O के प्रॉफ़िट दोनों पर ही आपको अपने tax slab के हिसाब से tax भरना पड़ेगा।

पर अगर कुछ loss होता हैं तो अगर आप सही से उसे मैनेज करेंगे तो आपको कम tax भरना पड़ेगा। चूंकि ये दोनों ही बिजनस इंकम है इसलिए इसमे अलग तौर तरीके हैं। आप बदलते नियम और कानून की जानकारी रखिए और आप पाएंगे की आप अपना बहुत स tax बचा पा रहे हैं।

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