Large-Cap, Mid-Cap और Small-Cap Stocks क्या होता हैं?

What is the difference between Large Cap, Mid Cap and Small Cap Stocks

शेयर मार्केट में पैसा कमाने के लिए बहुत जरूरी ये जानना की आप अपना पैसा कहा लगा रहे हैं। अक्सर लोग बिना कुछ जाने अपना पैसा मार्केट में लगा देते है जिससे उनका नुकसान होता है। शेयर मार्केट के सारे stocks को तीन भागों मे बाटा गया हैं। Large-Cap Stocks, Mid-Cap Stocks और Small-Cap Stocks, मार्केट के सभी शेयर इन तीनों category के अंदर आते हैं। इसके अलावा Blue-Chip Stocks होते हैं। Blue चिप stocks मार्केट के सबसे अच्छे कंपनी के स्टॉक्स होते हैं। इस लेख में इन सभी के ऊपर detail में बताया गया है।

Market Capitalization क्या होता हैं?

Large-Cap हो या Small Cap, इसमे Cap का मतलब Capitalization होता हैं। Capitalization का हिन्दी मतलब पूंजीकरण हैं। Market Capitalization का हिन्दी अर्थ बाजार पूंजीकरण हुआ। इसका स्टॉक मार्केट में बहुत ही अहमियत हैं। एक तरह से ऐसे भी समझ सकते हैं की जितनी ज्यादा मार्केट cap उतनी ज्यादा उस कंपनी की औकात। Market Capitalization से ये पता चलता है की किसी भी कंपनी का बाजार में कितनी जमा पूंजी हैं। अगर किसी इंसान को कोई कंपनी खरीदना होगा तो उसे उस कंपनी की Market Cap जितना पैसा देना होगा।

एक उदाहरण से समझते हैं: Reliance Industries का मार्केट Cap 17,17,113 करोड़ रुपया हैं। आप इसे ऐसे भी समझ सकते हैं की Reliance Industries के कुल शेयर की कीमत 17,17,113 करोड़ रुपया हैं। रिलायंस की एक शेयर की कीमत 2556 रुपया हैं। आप इससे ये भी पता लगा सकते है की बाजार में Reliance की कितनी शेयर हैं। किसी भी कंपनी का मार्केट Cap उस कंपनी के Balance Sheet से पता लगा सकते हैं।

SEBI के निर्देशों के हिसाब से Market Cap के basis पर स्टॉक्स को तीन भाग में विभाजित किया गया हैं।

  • Large Cap Stocks
  • Mid Cap Stocks
  • Small Cap Stocks

Large-Cap Stocks, Mid-Cap Stocks और Small-Cap Stocks क्या होता हैं?

Large Cap स्टॉक्स उन कॉम्पनियों के शेयर होते हैं जिनकी Market Capitalization बहुत ज्यादा हैं। स्टॉक मार्केट में शुरू के top 100 कॉम्पनी इसमे आते हैं। उसी तरह Mid Cap Stocks, Mid-Cap कंपनी के शेयर है और Small Cap स्टॉक्स, Small Cap कंपनी के शेयर हैं।  SEBI ने स्टॉक मार्केट की सारी कॉम्पनियों की मार्केट cap के हिसाब से rank list बनाई हैं। इस लिस्ट के हिसाब से:

  • Large Cap Company- स्टॉक मार्केट के टॉप 100 कंपनी
  • Mid Cap Company- स्टॉक मार्केट के 101-250 कंपनी
  • Small Cap Company- स्टॉक मार्केट के 251 रैंक के बाद वाली कंपनी

कैसे पता लगाए कौन सी कंपनी Large Cap है या Mid Cap है या Small Cap है?

अगर आप स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने जा रहे हैं और आपको नहीं मालूम है की कौन सी कंपनी बड़ी है या छोटी हैं। ये पता लगाना बहुत ही आसान हैं। अक्सर छोटे निवेशक सुनी सुनाई बातों मे आ कर पैसे लगा देते हैं जो की गलत हैं। Large Cap, Mid Cap और Small Cap Company का पहचान NSE के Indices से चलता हैं। Indices क्या होता है उससे पहले Large Cap, Mid Cap और Small Cap के indices जान लेते हैं।

NIFTY 100 Index – Large Cap Company

NIFTY Midcap 150 Index – Mid Cap Company

NIFTY Small Cap 250 Index –  Small Cap Company

Nifty Microcap 250 Index –  Micro Cap Company

NIFTY 100 Index मार्केट की लगभाग 76.8% मार्केट capitalization का performance बताता हैं। उसी तरह NIFTY Midcap 150 Index मार्केट की लगभाग 12.9% मार्केट capitalization का performance बताता हैं। NIFTY Small cap 250 Index मार्केट की लगभाग 6.4% मार्केट capitalization का performance बताता हैं। अब ऐसा नहीं है की ये percentage fixed हैं।

आप इसे ऐसे समझे की Large Cap कॉम्पनियों के पास मार्केट के 76.8% पैसा हैं, और Midcap के पास 12.9% और small cap के पास 6.4% पैसा हैं। ऐसा हो सकता है की कभी midcap अच्छे से grow करे और large Cap में चली जाए। वैसे केस में ये percentage बदल जाएगा।

एक और तरीका जो बहुत से लोग बोलते हैं वो हैं- ऐसी कंपनी जिनकी market capitalization 20,000 करोड़ रुपया से ज्यादा है उसे Large Cap Company, 20,000 से 5,000 करोड़ वाली कंपनी mid cap company और 5,000 करोड़ से कम मार्केट capitalization वाली कंपनी को small कप company कहते हैं। आप Market Capitalization से भी पता कर सकते है की वो किस श्रेणी में आ रहीं हैं।

Index क्या होता हैं?

Indices, Index का बहुवचन हैं। Index शेयर मार्केट में कंपनी के performance को नापने के लिए बनाया गया हैं। हर एक sector के अलग अलग इंडेक्स हैं। जैसे की Bank Nifty, IT Nifty, NIFTY 50 इत्यादि। उसी तरह मार्केट cap के भी अलग अलग Index है जो की ऊपर बताए गए हैं। Index का सबसे अच्छा फायदा हैं की वो पूरी मार्केट का ब्योरा आपको एक नंबर से पता चल जाता हैं। अगर Nifty down है तो मार्केट गिर रहा हैं। ये सारे इंडेक्स NSE के हैं। आसान भाषा में इसी overall score कह सकते हैं।

ठीक इसी तरह BSE का भी इन्डेक्स है जो की सेंसेक्स हैं।

आप इन Indices को देख कर इनमे कौन कौन सी कंपनी है पता लगा सकते हैं। ऐसा करने से आपको ये मालूम हो जाएगा की आप जिस कंपनी में पैसा लगा रहे है वो किस श्रेणी की कंपनी हैं।

कौन से शेयर में पैसा लगाए कैसे पता करे?

वैसे तो ये बहुत ही पेंचीद सवाल है, ऐसा बहुत से नए निवेशक सोचते हैं। कौन से शेयर मे पैसा लगाने से पहले ये जानना जरूरी है की आपको शेयर मार्केट से क्या उम्मीद हैं? अगर आप बिना किसी goal सेट किए निवेश कर रहे है तो आप निवेश न करे। एक अच्छे शेयर की पहचान करने से पहले आपको बहुत ही बुनियादी चीजों के बारे मे पता होनी चाहिय। शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले Large Cap, Mid Cap, और Small Cap कॉम्पनियों मे पैसे निवेश करने और न करने के कारण जान लीजिए।

रिस्क कितना है?

शेयर मार्केट में निवेश किया हुआ पैसा डूबेगा का नहीं वही रिस्क से पता चलता हैं। अगर किसी कंपनी में निवेश risky है मतलब ज्यादातर उम्मीद है की गई भैंस पानी में।

  • Large Cap Company कम risky होती हैं। अब ऐसा इसलिए क्युकी हर एक large cap company एक अच्छे मुकाम पर पहुच चुकी होती हैं। मार्केट के उतार चढ़ाओ से उन्हे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता हैं।
  • Mid Cap Company थोड़ी सी रिस्की होती है। ये कंपनियाँ मार्केट में grow कर रही हैं, पर अभी भी इनमे स्थिरता आनी बाकी हैं। हालांकि ये कॉम्पनियाँ डूबेंगी नहीं लेकिन अगर कुछ बहुत बदलाव आ गया तो कुछ कहा नहीं जा सकता हैं।
  • Small Cap Company बहुत risky होती हैं। इन तीनों में ये सबसे risky होती हैं। मार्केट के up-down से इनके ऊपर काफी असर पड़ता हैं।

Liquidity और Volatility क्या होता है?

अगर आप किसी चीज को बेचना चाहे और cash या पैसा कितनी आसानी से मिल रहा हैं या वो समान कितनी आसनी से बिक रहा हैं। इसी का मापदंड liquidity से किया जाता हैं। अगर किसी शेयर की Liquidity ज्यादा है मतलब वो आसानी से बिक जाएगा वो भी अपना market price बिना गिराए। ठीक उसी तरह अगर किसी शेयर की liquidity कम है मतलब उसे बेचने मे आपको तकलीफ हो सकती हैं। ऐसा भी होता है की आपको दाम कम मिले।

अगर किसी शेयर पर मार्केट के उतार चढ़ाओ, सरकार के नियम कानून, तेल के दाम इत्यादि जैसे चीजों से बहुत फर्क पड़ रहा है तो वैसे शेयर को bahut Volatile शेयर कहेंगे। मतलब की कंपनी अभी किसी तरह अपने काम काज में पकड़ बना रही हैं। Volatility इसी उतार चढ़ाओ को मापने का तरीका हैं।

  • Large Cap Company कम volatile और ज्यादा liquidity वाले कंपनी होते हैं।
  • Mid Cap Company मध्यम volatile और liquidity वाले कंपनी होते हैं।
  • Small Cap Company ज्यादा volatile और कम liquidity वाले कंपनी होते हैं।

Growth और Return कितना मिलेगा?

Growth और return दोनों साथ साथ ही चलते हैं। जो कंपनी ज्यादा grow करेगी उसका रिटर्न भी ज्यादा मिलेगा।

  • Large Cap Company पहले से ही बहुत growth दिखा चुकी हैं इसलिए उसमे ज्यादा grow करने की उम्मीद नहीं रहती हैं। ये normal returns देती हैं।
  • Mid Cap Company अभी भी Large Cap कंपनी बन सकती हैं इसलिए इसमे growth की उम्मीद रहती है और ठीक उसी मुताबिक रिटर्न्स भी देती हैं।
  • Small Cap Company में बहुत scope रहता हैं growth करने का इसलिए रिटर्न भी बहुत मिलेने की उम्मीद रहती हैं।

ये सारी बुनियादी बातों को अच्छे से समझने के बाद आपका गोल क्या है वो समझ लीजिए। हर एक कंपनी में निवेश करने के लिए उस कंपनी के पीछे के जानकारी को जानना बहुत जरूरी हैं।

कौन से निवेशक को किसमे पैसा लगाना चाहिए?

  • Large Cap Company– अगर आपका target है लंबे समय तक अपने पैसे को निवेश करना और वो भी बिना रिस्क के तो आप इसे चुन सकते हैं। ऐसा करने के बहुत से कारण हैं। एक तो company अच्छी हैं, stable हैं, रिस्क कम हैं, और अच्छे रिटर्न्स भी मिल जाएगा।
  • Mid Cap Company– अगर आपका goal है की आपको लंबे समय मे निवेश किए हुए पैसों में अच्छा प्रॉफ़िट मिल जाए तो आप mid cap के साथ जा सकते हैं। हालांकि ये बात जरूर ध्यान मे रखिए की आपके पैसे डूब भी सकते हैं। क्युकी mid-caps मे large cap की तुलना में ज्यादा रिस्क होता है।
  • Small Cap Company– ऐसे कंपनी में निवेश करने वाले लोग की उम्मीद रहती हैं की वो अपना पैसा लगाए और जितनी जल्दी हो सके प्रॉफ़िट लेकर निकाल जाए। चूंकि Small Cap कंपनी में growth के बहुत उम्मीद रहती हैं इसलिए उन्मे रिटर्न भी ज्यादा मिलता है लेकिन रिस्क भी उसी हिसाब से रहता हैं। अगर आप एक छोटे समय के लिए निवेश करके अच्छे रिटर्न्स पाना चाहते हैं तो Small cap के साथ जा सकते हैं।

अंत में

शेयर मार्केट से पैसा कमाना आसान है बस आपको कुछ बुनयादी चीजों का ध्यान रखना हैं। कौन से शेयर में पैसा लगाना है ये भी पता करना आसान है अगर आपका लक्ष्य आपको पता हैं तो। चाहे वो Large Cap शेयर हो या Mid cap शेयर या फिर small cap शेयर, अगर आपको ये पता चल गया की कब किस शेयर को खरीदना है और कब किस शेयर को बेचना है तो आप शेयर मार्केट से बहुत सारे पैसे कमा पाएंगे।

आप शेयर को कब खरीदना और बेचना है तभी जान पाएंगे जब आपको आपका लक्ष्य मालूम होगा की इतने पैसे में हमको इतना कमाई करना हैं। उम्मीद है आपको Market Capitalization से संबंधित कुछ जानकारी मिली होगी। अगर आपको कुछ भी दिक्कत हो तो आप नीचे कमेन्ट कर सकते हैं।

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