Mutual Fund में कितना tax लगता हैं ? MF Tax Rules 2023

Mutual Fund Tax Rules in Hindi

अक्सर लोग जब Mutual Fund में निवेश करते हैं तो सिर्फ रिटर्न देखते हैं की कितने साल बाद कितना रिटर्न मिलेगा। अब यहां पर लोगों से गलती क्या होता हैं की वो अपने निवेश के ऊपर टैक्स के बारे में नही सोचते हैं।

सीधा सीधा बोला जाए तो आपके अपने रिटर्न में पहले तो टैक्स लगेगा उसके बाद  Health and Education Cess लगेगा और फिर Inflation का असर दिखेगा। कुल मिलाकर बात ये हैं की आपको अपने पैसों को इन सब चीजों को ध्यान में रखकर ही निवेश करना हैं।

देखिए जब भी शेयर मार्केट या म्यूचुअल फंड में कोई इंसान प्रॉफिट कमाता है तो उस पर सरकार उनसे टैक्स लेता हैं। अब mutual fund में टैक्स कितना होता हैं? क्या सारे Mutual Funds में टैक्स लगता हैं? क्या Equity और Debt दोनों में एक जैसा टैक्स सिस्टम हैं? ये सारे सवाल बहुत आम हैं।

इसलिए अगर आप एक active निवेशक है तो आपके लिए ये सब जानना बहुत जरूरी हो जाता हैं। इस आर्टिकल में mutual Fund पर कितना टैक्स लगता हैं इसके बारे में बताया गया हैं।

Mutual Fund Tax Rules 2023 in Hindi

म्यूचुअल फंड मुख्य रूप से तीन तरह के होते हैं। Debt, Equity और Hybrid। इन तीनों में टैक्स कितना और कैसे लगता है ये समझने से पहले हमे म्यूचुअल फंड के टैक्स नियम और कौन कौन सी बातें उन नियम को निर्धारित करते हैं उनको समझना जरूरी हैं।

  • कौन सा फंड हैं – जैसा कि ऊपर बताया गया की म्यूचुअल फंड अलग अलग प्रकार के होते हैं। अब इसमें से आपका कौन सा mutual Fund हैं उसके हिसाब से अलग अलग नियम है।
  • कितने समय तक निवेश किया गया हैं – समय सीमा भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं म्यूचुअल फंड के टैक्स सिस्टम में।
  • अगर आपको Dividend मिला हैं तो उसके अलग नियम हैं।

Mutual Fund में Dividend और Capital Gains ?

जैसा कि आप जानते होंगे की mutual Fund में दो तरह से कमाई होता हैं एक आपको dividend और दूसरा Capital Gains जो आपका NAV बढ़ा तो उसका प्रॉफिट। Dividend आपको कंपनी के प्रॉफिट पर मिलता हैं। वही दूसरा Capital Gains आपके mutual Fund के value बढ़ने से मिलता हैं। दोनो ही रिटर्न पर आपको टैक्स देना पड़ेगा।

Mutual Fund Dividend Tax Rules

आज की तारिक में अगर आपको dividend मिल रहा हैं तो उस पर आपको आपके टैक्स स्लैब के हिसाब टैक्स लगेगा। अब इसमें ये फर्क नहीं पड़ता हैं की आपका सलाना इनकम 5 लाख है या 10 लाख। आपका डिविडेंड आपके सलाना इनकम में जुड़ जायेगा उसके बाद उसपर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा। Dividend को income from other sources के रूप में देखा जाता हैं। इसलिए ये Tax Slab के हिसाब से taxable हैं।

एक और चीज ये हैं की अगर आपका सलाना dividend का इनकम 5000 रुपए से ज्यादा होता हैं तो कंपनी उस पर 10% का TDS काटकर ही आपको dividend देगी।

Equity Mutual Fund Tax Rules

अगर आपको अपने म्यूचुअल फंड को बेचकर कुछ प्रॉफिट हो रहा हैं तो वो capital Gains हैं। अब इसमें 2 तरह से टैक्स लगता हैं STGC और LTCG। इसके बाद भी ये दोनो Equity, debt और Hybrid mutual Fund के लिए अलग अलग काम करते हैं।

STGC का मतलब Short Term Capital Gain और LTGC का मतलब Long Term Capital Gain होता हैं।

Short Term और Long Term कैसे देखा जाता हैं

Short Term का मतलब हैं एक साल से कम और लॉन्ग term का मतलब हैं एक साल से ज्यादा। मतलब की आपके निवेश की तारिक से अगर आपने एक साल के अंदर अपने Equity Mutual Fund को बेच दिया तो वो STGC होता हैं। और उसी तरह अगर एक साल से ज्यादा में बेचे तो LTGC होता हैं।

शेयर मार्केट में Short Term और Long Term समझना आसान हैं। जिस दिन आप शेयर खरीदे उस दिन अगर एक साल के अंदर में बेच देंगे तो शॉर्ट टर्म और अगर एक साल से ज्यादा समय में बेचे तो long term।

Mutual fund के lumpsum निवेश में भी यही नियम काम करता हैं। पर जब आप mutual fund का SIP करते हैं तो आपका जो एक साल का हिसाब है वो थोड़ा सा पेचीदा हो जाता हैं। आपका एक साल उस दिन से गिना जाएगा जिस तारिक को आपने पैसा निवेश किया हैं।

उदाहरण के लिए अगर आप जनवरी 2022 में कोई म्यूचुअल फंड का SIP चालू किए हैं और अभी भी चालू ही हैं तो आपके इस महीने का SIP का एक साल अगले साल होगा। और अगर आप इस बीच अपना सारा पैसा निकाल लेते हैं तो आपको LTGC और STGC दोनो लगेगा।

Equity Mutual Fund Tax के नियम

Equity Mutual Funds वैसे mutual fund होते हैं जहा आपके निवेश किए हुए पैसे का 65% से ज्यादा पैसा Equity शेयर में निवेश होता हैं। इन mutual fund के रिटर्न शेयर मार्केट के ऊपर बहुत निर्भर करते हैं। अब इसमें STGC और LTCG समझ लेते हैं।

अगर आप अपने mutual fund को एक साल के अंदर बेच देते हैं तो वो STGC होगा और उस प्रॉफिट पर आपको सीधा सीधा 15% टैक्स देना होगा। वही दूसरी तरफ अगर आप उस mutual fund को एक साल के बाद बेचते है तो वो LTGC बन जायेगा । LTGC में आपको अपने प्रॉफिट में 1 लाख की tax rebate हैं। अगर आपका प्रॉफिट एक लाख से ज्यादा होता हैं तो 1 लाख से ज्यादा वाले राशि पर 10% टैक्स लगेगा।

एक उदाहरण से समझते हैं:

अगर आपका 1000 रूपया का STGC होता हैं तो उस पर 15% टैक्स मतलब की 150 रुपया टैक्स लगेगा।

अगर आपका 1000 रूपया का LTGC होता हैं तो उस पर 0% टैक्स लगेगा क्योंकि आपका LTGC 1लाख से कम हैं। पर अगर आपका LTGC 1.2 लाख है तो आपको 1 लाख की छूट मिल गई और बाकी के 20 हजार पर 10% टैक्स लगेगा मतलब को 2000 रूपया।

Debt Mutual Fund Tax Rules

Debt mutual funds वैसे fund होते हैं जिनके पैसे बॉन्ड्स या securities, corporate debt securities जैसे सुरक्षित जगह में ज्यादा निवेश होता हैं। इन Mutual Funds फंड मैनेजर आपका पैसे का 35% से ज्यादा पैसा equity share market में निवेश नही कर सकते हैं।

Debt funds के रिटर्न आपके taxable income में जुड़ जाते हैं और फिर आपके Tax Slab के हिसाब से टैक्स लगता हैं।

उदाहरण के लिए अगर आप 4000 का रिटर्न पाते हैं और आपका टैक्सेबल इनकम 5 लाख हैं तो आपका कुल Taxable इनकम 5 लाख 4 हजार होगा और उसी के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा।

Hybrid Mutual Fund Tax Rules

Hybrid Mutual Funds में आपका टैक्स इस चीज पर निर्भर करता हैं की आपका Mutual Fund में Equity और Debt का कितना हिस्सा हैं। अगर Equity का ज्यादा हिस्सा हैं तो Equity के हिसाब से टैक्स STGC और LTGC लगेगा। अगर debt में ज्यादा निवेश है तो debt mutual Fund के तरह टैक्स लगेगा।

ETFs और Index Funds Tax Rules

देखिए दोनो ही Equity में निवेश करते हैं तो आपको इस पर STGC और LTGC Tax लगेगा जैसा Equity Mutual Fund में लगता हैं। ETFs में ये जरूरी हैं समझना की वो Equity स्कीम हो।

Securities Transaction Tax

STT जिसका मतलब हैं Securities Transaction Tax वो 0.001% लगता हैं। अगर आप Equity या Hybrid Mutual Fund में निवेश करते हैं STT लगता हैं । Debt में STT नहीं लगता हैं।

Tax Saving Mutual Fund क्या होता हैं?

Tax Saving Mutual Fund जिसे सब ELSS से जानते होंगे, ये दोनों एक ही हैं। ELSS का मतलब हैं Equity Linked Saving Schemes। ELSS से आप Income Tax फाइल करते वक्त Section 80c में 1.5 लाख का टैक्स deduction claim कर सकते हैं। पर इसमें 3 साल का lock-in period होता हैं।

गौर करने वाली बात ये हैं की आप अपने निवेश से तो 1.5 लाख का deduction claim कर लेंगे लेकिन जब आप अपने म्यूचूअल फंड को बेचेंगे तो उसमे LTGC tax लगेगा।

4% Cess क्या होता हैं?

भारत सरकार हर एक टैक्स देने वाले इंसान से Health and Education के नाम पर 4% का Cess लेती हैं। ये 4% सरकार देश के Health और Education में लगाती हैं। ये सभी टैक्स भरने वाले इंसान को देना ही पड़ता हैं। पर इसका हिसाब आपकी इंकम पर न हो कर आपके टैक्स के पैसे पर होता हैं।

उदाहरण के लिए अगर आपका इंकम 1000 रुपया हैं और आपका tax 100 रुपये होता हैं तो आपको 100 रुपये पर और 4% देना होगा।

LTGC में बहुत जगह 10.4% tax बताया जाता हैं, क्यूंकी उस 10% का फिर से 4% लगेगा जो की 10.4% हो जाता हैं। STGC में ये 15.6% हो जाएगा क्यूंकी 15% का 4% 0.6 होता है।

अंत में

उम्मीद करते हैं आपको mutual fund के टैक्स नियम के बारे में कुछ जानकारी मिली होगी। Mutual Fund बहुत ही लोकप्रिय तरीका हैं अपने पैसों को निवेश करने का। निवेश के साथ साथ आपको Taxes के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। अगर आपको सारी चीजे पता रहेंगी तो आप एक सही निर्णय ले सकेंगे। अगर आपको कुछ भी चीज समझ में ना आया हो तो आप नीचे कमेन्ट करके पुछ सकते हैं।

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