Mutual Funds vs Fixed Deposit कौन सा बेहतर हैं

Mutual Fund vs Fixed Deposit: Which is better?

बात जब निवेश की आती हैं तो दो विकल्प बहुत ही लोकप्रिय हैं। एक Fixed Deposit और दूसरा Mutual Fund। अपने मेहनत के कमाई को कहा निवेश करना हैं ये तो आपके ऊपर हैं। पर ये जानना की Mutual Funds vs Fixed Deposit में कौन सा बेहतर हैं ये तो जरूरी हैं। एक सही निर्णय लेने के लिए आपको Fixed Deposit और Mutual Fund दोनों के फायदे और नुकसान मालूम होना चाहिए।

हर एक इंसान की जरूरत अलग अलग होती हैं। उनकी रिस्क लेने की छमता भी अलग अलग होती हैं। इसलिए ये जरूरी हैं की आप इन दोनों के बीच के अंतर को समझे और अपने हिसाब से निर्णय ले। इस आर्टिकल में Fixed Deposit और Mutual Fund में कौन स बेहतर हैं वो बताया गया हैं।

Fixed Deposits क्या होते हैं ?

Fixed Deposits (FDs) निवेश का एक पारंपरिक तरीका हैं जो बैंक प्रदान करता हैं। FD में आप कुछ पैसा एक निर्धारित समय के लिए जमा करते हैं जिसपर बैंक आपको पहले से तय किया गया ब्याज देते हैं। FDs एक fixed रिस्क फ्री निवेश हैं जिसमे आपको  guaranteed return मितले हैं आपके FD की अवधि खतम होने पर। FDs सारे बैंक देते हैं तो आपका जिस बैंक में खाता हैं वहा पर आप पूछेंगे तो आपको बैंक के कर्मचारी बात देंगे। आप उसी को बैंक के वेबसाईट पर भी देख सकते हैं। आजकल तो सब कुछ अनलाइन हो गया हैं तो आपको कही जाने की बहुत जरूरत नहीं हैं।

Fixed Deposits के फायदे:

  1. बहुत ज्यादा ही safe हैं: FDs को सबसे safe निवेश कहते हैं। इसमे आपका पैसा कभी भी नहीं डूबेगा। मतलब की अगर कल को बैंक भी भाग गया तो RBI के मुताबिक आपका 5 लाख का deposit insured रहता हैं। ये इन्श्योरेन्स Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) करता हैं। (वैसे अगर सरकारी बैंक हैं तो बैंक कही जाएगा नहीं)।
  2. Returns पहले से मालूम रहते हैं: FDs में आपको अपना ब्याज दर पहले से मालूम होता हैं। मतलब की आपको ये पता रहेगा की आने वाले समय में आपको कितना पैसा मिलेगा। आप उस हिसाब से अपना planning कर सकते हैं।
  3. Liquidity: ज्यादातर FDs में liquidity का कोई दिक्कत नहीं हैं बस आपको थोड़ा फाइन देना पड़ता हैं। ये फाइन अलग अलग बैंक के हिसाब से अलग अलग हो सकता हैं।
  4. समय सीमा: FDs में निवेश की समय सीमा के हिसाब से ब्याज दर मिलता हैं। अब ये समय 14 दिन से लेकर 10 साल तक होता हैं। इसलिए निवेशकों के पास बहुत से विकल्प खुल जाते हैं निवेश करने के लिए। अक्सर देखा जाता हैं की 2 से 3 साल के बीच वाले FDs में ज्यादा return मिलता हैं।
  5. Tax में छूट: Tax Saving FDs भी होते हैं जो की एक lock in period के साथ आते हैं। आप Income Tax के Section 80C में Deductions claim कर सकते हैं।

Fixed Deposits के नुकसान:

  1. कम Returns: FDs Mutual Funds की तुलना में कम रिटर्न देते हैं।
  2. Tax बहुत लगेगा: FDs के रिटर्न आपके income में जुड़ जाते हैं जिसके कारण आपका कुल tax बहुत बढ़ जाता हैं। अगर आपको 1 लाख रुपया FD से interest मिल हैं और आपका कुल income 10 लाख हैं तो फिर आपका taxable income 11 लाख हो जाएगा।
  3. Diversification नहीं हैं: FDs में कुछ भी diversification नहीं है जिसके कारण आपको return कम मिलता हैं। इसमे तो ये भी नहीं मालूम की आपका पैसा कहा गया, वैसे वो जानने की इसमे जरूरत भी नहीं हैं।

Fixed Deposit में किसे निवेश करना चाहिए 

देखिए FD को एक निवेश के रूप में मत देखिए। FD को आप एक सुरक्षा के नजर से देखिए। मतलब ये हैं की FD में पैसा डालने से आपका पैसा सुरक्षित रहेगा क्यूंकी जो भी return मिलेगा वो तो inflation में ही चला जाएगा। फिर भी FD बहुत ही अच्छा तरीका हैं पैसों को सही से रखने का।

  • जो रिस्क लेना नहीं चाहते है: Fixed deposits बहुत ही safe निवेश हैं तो अगर आप रिस्क नहीं ले सकते हैं तो आपको FD में पैसा डाल देना चाहिए।
  • बुजुर्ग इंसान हैं: सभी बैंक बुजुर्ग लोगों को ज्यादा ब्याज दर देती हैं। तो अगर आप एक बुजुर्ग तो आपको FD कर देना चाहिए क्यूंकी आपके पास रिस्क लेने की छमता बहुत कम हो गई हैं।
  • अगर आप कम समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आप FD के साथ जा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्यूंकी लंबे समय में तो mutual fund FD से ज्यादा रिटर्न दे सकता हैं।
  • Tax Saving FDs के साथ आप  Income Tax के Section 80C में Deductions claim कर सकते हैं।

Mutual Funds क्या होते हैं?

Mutual Fund एक तरह का निवेश का तरीका हैं। इसमे बहुत से लोग हर महीने (जिसे SIP कहते हैं) या एक बार में (जिसे Lumpsum कहते हैं) पैसे निवेश करते हैं। इस पैसों को Mutual Fund Mangers जो की एक professional expert होता हैं अलग अलग तरीके से निवेश करता हैं। Fund Managers इसे stocks, bonds, और अन्य securities में निवेश करता हैं जिससे आपको अपने पैसे पर अच्छा रिटर्न मिले।

देखिए सब लोगों को शेयर मार्केट के बर्ताव समझ नहीं आते हैं। या फिर उनके पास उतना समय नहीं होता हैं की वो सही शेयर को चुन सके। इसलिए आज के तारिक में mutual fund बहुत ही पसंदीदा निवेश का रूप बन गया हैं। Mutual फंड भी बहुत तरीके के होते हैं। ये उसपर निर्भर करता हैं की आपका पैसा किस माध्यम मे ज्यादा लगा हैं। अगर Equity में लगा हैं तो Equity Mutual Fund, अगर debt में लगा हैं तो debt mutual फंड इत्यादि।

Mutual Funds के फायदे:

  1. Diversification: Mutual Funds में आपका पैसा बहुत जगह लगता हैं। उदाहरण के लिए अगर आप Nifty Index का mutual fund में निवेश करते हैं तो आपका पैसा nifty के 50 कंपनी में लग जाएगा। इससे आपका रिस्क बहुत ही कम हो जाता हैं जब आप किसी एक शेयर में निवेश करते हैं। वही दूसरी तरफ अगर आप Debt Mutual Fund में निवेश करते हैं तो भी वो अलग अलग जगह ही निवेश होता हैं।
  2. Professional Management: ऐसा हो सकता हैं की आपको शेयर मार्केट या अन्य securities की उतनी जानकारी न हो। यही पर आपको mutual fund में अच्छे fund managers मिलते हैं जिनका काम ही वही हैं। तो बेशक वो आपसे ज्यादा समझते हैं। गौर करने वाली बात ये भी हैं की चूंकि वो भी इंसान हैं उनसे भी गलतियाँ होते रहती हैं।
  3. Liquidity: Mutual Fund में liquidity बहुत होती हैं। आप जब चाहे अपना पैसा निकाल सकते हैं। हालंकी कुछ कुछ Mutual fund में exit load लगता हैं पर वो भी बहुत कम होता हैं।
  4. Transparency: ये तो बहुत ही जरूरी हैं आज की दुनिया में। पैसा आपका हैं तो कम से कम आपको इतना तो मालूम होना चाहिए की आपका पैसा जा कहा रहा हैं। Mutual Fund के साथ आप ये देख सकते हैं की आपका पैसा किस किस जगह निवेश किया गया हैं।
  5. SIP (Systematic Investment Plan): Mutual Fund में आप हर महीने छोटे छोटे अमाउन्ट जमा कर सकते हैं। वैसे इसमे FD की ही तरह एक बार में भी पैसा जमा होता हैं। आप अपने सहूलियत के हिसाब से दोनों में से कोई एक चुन सकते हैं।
  6. Tax Benefits: कुछ Mutual Fund आपको Tax Saving का भी फायदा देते हैं। इन्हे tax saving mutual फंड या ELSS बोल सकते हैं। Section 80 C में आप 1.5 लाख तक deductions claim कर सकते हैं। ELSS में आपको 3 साल का lock in period रहता हैं। इसके अलावा आपको LTCG में 1 लाख का छूट मिलता हैं और उसके बाद के राशि पर 10% टैक्स लगता हैं। STCG में आपको 15% का tax लगता हैं।
  7. Return: म्यूचूअल फंड में आपको मार्केट के हिसाब से रिटर्न मिलता हैं। ये रिटर्न अक्सर सभी बैंक के FD के रेट से ज्यादा ही होता हैं। दूसरी तरफ ये भी जानना जरूरी हैं की अगर मार्केट गिर गया तो आपका पैसा भी गिरेगा।
  8. Inflation: देखिए inflation तो हर एक निवेश पर लगता हैं पर अगर आपका रिटर्न ज्यादा होगा तो आप Inflation से लड़ पाएंगे।

Mutual Funds के नुकसान

  1. Market Risk: जैसा की Mutual Funds financial markets में निवेश करते हैं इसमे रिस्क हैं। अगर बाजार में उतार चढ़ाओ आएगा तो आपका पैसा भी उसी हिसाब से रिटर्न देगा। इसलिए ऐसा बोला जाता है की निवेश हमेशा अपना रिस्क के हिसाब से करना चाहिए।
  2. फीस और खर्चे: हर एक Mutual Funds कुछ फीस लेती है जिसे expense Ratio कहते हैं। ये फीस उन fund managers के पास जाती हैं जो आपके पैसों को आपके लिए निवेश कर रहे हैं। इसके अलावा आपको Exit load भी देना होता हैं जब आप अपना पैसा निकालते हैं तो।
  3. Fund Manager की गलती: देखिए चूंकि ये म्यूचूअल फंड में एक टीम होती हैं, हो सकता हैं की वो कोई गलत निर्णय ले ले उसके कारण भी आपका नुकसान हो सकता हैं। ऐसा भी होता हैं की कुछ शेयर Fund मैनेजर की पसंदीदा शेयर हो जो की कही न कही आपका नुकसान करा सकती हैं।

Mutual Fund में किसे निवेश करना चाहिए

  • जिन्हे ज्यादा रिटर्न चाहिए: अगर आपको बैंक से ज्यादा रिटर्न चाहिए तो आप म्यूचूअल फंड में निवेश कर सकते हैं।
  • जिन्हे एक Diversified Portfolio चाहिए: अगर आप अपने निवेश को बहुत ज्यादा diversify करना चाहते हैं तो आप म्यूचूअल फंड में निवेश कर सकते हैं। Diversification का मतलब हैं की आपके पास हर एक कंपनी की शेयर हो, इसके अलावा कुछ कम रिस्की वाले निवेश भी हो। Diversification से आपका रिस्क बहुत कम हो जाता हैं।
  • लंबे समय तक निवेश करने वालों के लिए म्यूचूअल फंड बहुत ही अच्छा विकल्प हैं।
  • अगर आप Income Tax Section 80 C में deductions लेना चाहते हैं तो भी आप म्यूचूअल फंड में निवेश कर सकते हैं।
  • जिन्हे शेयर मार्केट में कम ज्ञान हैं। अगर आपको मालूम नही हैं शेयर मार्केट में पैसा कैसे लगाए या फिर आपके पास समय नहीं है तो आप म्यूचूअल फंड के साथ जा सकते हैं।

Mutual Fund vs Fixed Deposit

अब तक आप सभी चीजों को समझ चुके होंगे। पर इनमे से कौन सा बेहतर हैं हमे वो भी जानना चाहिए। निवेश करने के लिए तीन मुख्य चीजों का ध्यान रखना चाहिए।

  • पहला की आपकी जरूरत क्या हैं?
  • दूसरा आप कितना रिस्क ले सकते हैं?
  • और तीसरा आपके पास समय कितना हैं?

अगर आप इन तीनों को समझ गए तो आप के लिए सही निवेश चुनना आसान हो जाएगा। अब Mutual Funds vs Fixed Deposit को टेबल से अच्छे से समझते हैं।

Fixed Deposit (FDs)Mutual Fund 
 

रिटर्न्स 

fixed रहता हैमार्केट के हिसाब से ऊपर नीचे होता हैं
रिस्क कम, बिल्कुल ना के बराबरकम, ज्यादा, और बहुत ज्यादा। आप कौन स म्यूचूअल फंड ले रहे हैं उसपर निर्भर करता हैं।
 

Liquidity 

कम रहता हैं। Maturity से पहले FD तोड़ने पर कुछ फाइन देना पड़ता हैंइसमे ऐसा कोई चक्कर नहीं हैं। किसी किसी mutual fund में Exit Load रहता हैं।
 

निवेश का तरीका 

एक बार में ही सारा पैसा Lumpsum में डालना पड़ता हैंLumpsum और SIP दोनों का विकल्प रहता है
 

फीस 

कुछ भी नहीं (बैंक खाता तो ऐसे भी हैं की आपका)Expense Ratio लगता हैं
 

समय सीमा 

आपके हिसाब से आप 7 दिन से 10 साल के बीच में FD कर सकते हैंकोई समय सीमा नहीं हैं
 

Tax 

आपके कुल इंकम के साथ जुड़कर tax slab के हिसाब से tax लगेगाSTGC (15%) और LTGC (10%) लगता हैं।
 

कैसे कर सकते हैं 

बैंक के माध्यम सेकिसी Fund Manager की जरूरत पड़ती हैं
Control कौन करता हैं RBISEBI

इन सब चीजों को एक उदाहरण से समझते हैं:

मान लीजिए आपने 1 लाख की FD की हैं और साथ ही साथ आपने एक लाख किसी म्यूचूअल फंड में निवेश किए हैं। कुछ महत्वपूर्ण चीजे जिस पर तुलना करना आसान होगा:

  • आपने अपने दोनों ही निवेश को 3 साल के लिए किया हैं।
  • SBI के तीन साल वाले FD में 7.2% रिटर्न मिल रहा हैं।
  • SBI के ही SBI Nifty Index Fund में 21.95% रिटर्न मिला हैं। अब ये पिछले तीन साल का रिकार्ड हैं, ऐसा जरूरी नहीं है की आने वाले समय में इतना ही रिटर्न मिले। इसलिए हम इसे 11% कर देते हैं जिससे हमारा भविष्य वाला चीज कम हो जाए।
  • आप का सलाना Taxable इंकम 7 लाख रुपये माना गया हैं।

अब इसमे कैसे कैसे return मिलेगा वो समझते हैं:

Fixed Deposit Mutual Fund
 

आपका कुल रिटर्न होगा 

23,872 (FD Calculator)36,763 (Lumpsum Calculator)
Tax 7 लाख रुपये में 23872 जुड़कर Tax Slab के हिसाब से टैक्स लगेगा। आपका taxable अमाउन्ट हो जाएगा 7,23,872। Tax Calculator 

Old Tax Regime के हिसाब से ये 57274 + 2291 (cess)

New Tax Regime के हिसाब से 34887 + 1395 (cess)

अब चूंकि आपका LTGC हुआ हैं वो भी एक लाख से कम तो आपका टैक्स नहीं लगेगा। Index Fund Equity फंड होते हैं।
 

Cess 4%

ये आपके टैक्स के ऊपर लगेगाकोई cess नहीं लगेगा क्यूंकी 0 का 4% 0 ही होता हैं।
 

फीस 

कुछ भी नहींExpense Ratio 0.18%
कौन बेहतर हैं रिटर्न के मामले में 7.2% में से आपका तकरीबन 1.5% आपका tax लग गया।आपको सीधा सीधा 10 %  से जायद रिटर्न मिल रहा हैं

अब ये तीन साल के हिसाब से किया गया हैं। हो सकता हैं की कम समय में आपको FD ज्यादा फायदेमंद हो या फिर ज्यादा अमाउन्ट में FD सही हो। आप निवेश करने से पहले अपने हिसाब से सब कुछ का जोड़ घटाओ कर ले। 

अंत में

FD और mutual फंड में चुनने के लिए आपको कुछ basic सवाल का जवाब मालूम होना चाहिए। FDs सदियों से चले आ रहे हैं तो जरूर उसमे कोई बात होगी। लोग FDs पर आँख बंद कर के भरोसा करते हैं क्यूंकी उनको मालूम हैं उनका पैसा डूबेगा तो नहीं।

वही दूसरी तरफ जैसे हर उंगली बराबर नहीं होती हैं उसी तरह सबके लिए FDs सही नहीं होते हैं। आप mutual फंड को अच्छे से समझे। कुछ महीने रिसर्च करें क्या पता आपका मन बदल जाए। FD को एक निवेश के रूप में ना लेकर आप उसे एक सुरक्षा के रूप में देखिए। FDs पर अच्छा टैक्स लगता है और वो inflation को भी हरा नहीं पाता हैं।

वही दूसरी तरफ म्यूचूअल फंड में आपको अधिक रिटर्न मिलता हैं तो आप Inflation को मात दे सकते हैं और अपने पैसे से पैसे कमा सकते हैं।

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