Personal Finance के नियम जो सबको मालूम होने चाहिए

Personal Finance Rules

पर्सनल फाइनेंस को समझना बहुत जरूरी है। भारत मे लगभग हर एक आदमी को कभी न कभी कुछ न कुछ फाइनैन्स से जूड़े जोड़ घटाओ करना ही पड़ता है। इसीलिये इस आर्टिकल में पर्सनल फाइनेंस को आसनी से समझने के लिए कुछ टिप्स, ट्रिक्स और नियम बताए गए हैं। ये नियम ना सिर्फ आपकी पैसा बढ़ाने में मदद करेंगे बल्की साथ ही साथ आपको वित्तीय रूप से शिक्षित भी करेंगे जिस से आप एक शिक्षित वित्तीय निर्णय ले सकें। अगर आप ये सब जानते है तो ठीक है पर भी एक बार इन्हे पढ़ ले।

इन रुल्स या टिप्स के तरफ आगे बढ़ने से पहले ये समझ लीजिए की ये रुल्स जनरल रुल्स जो किताबों मे है। हर एक इंसान की जरूरत अलग होती है और उसी तरह उनकी financial planning भी अलग ही होगी। आप इन रुल्स को सिख कर अप्लाइ कर सकते है ।

1. Rule of 72

ये सबसे आसान तरीका है ये पता करने का की आपका पैसा कितने दिन मे डबल होगा। बस शर्त ये है की ये रूले सिर्फ फिक्स्ड ऐन्यूअल रेट ऑफ इन्टरिस्ट (ROI) के ऊपर लागू होता है। मतलब जिन ईन्वेस्ट्मेंट्स में ये मालूम है की आपको हर साल कितना पर्सेन्ट ऑफ इन्टरिस्ट मिलेगा। उद्धारण के लिए – FD।

Sl.No.Rate of ReturnRule of 72 Estimates
15%14.4 years
26%12 years
37%10.3 years
48%9 years
59%8 years

रूल ऑफ 72 कोई साइंस नहीं है, बस एक आसान मैथ्स की कैल्क्यलैशन हैं। हालांकि ये रूले भारत के लगभग हर एक FD (Fixed Deposits) के लिए सही है पर फिर ये समझना जरूरी है की ये रूले ऑफ 72 बस 5-10% पर्सेन्ट वाले ROI (rate of interest) पर काम करता है। ये भी समझना जरूरी है की ये सिर्फ एक अनुमान है जो की गलत भी हो सकता है(पर ऐसा होता नहीं है)।

2. 100- Age Rule

एक दुविधा जो हर एक इंसान को होता है की वो अपना पैसा कहा कहा और कितना कितना निवेश करे। ये रूल उसी का उत्तर देता है। आसान भाषा में आपकी जितनी भी उम्र है उसको 100 में से माइनस कर दे। जो भी बच जाता है आप उतना पैसा equity मे निवेश कर दे। ये एक proven रूले है जिसे पूरी दुनिया में लोग इस्तेमाल करते हैं। ये एक बहुत ही सटीक नियम है पैसों को मैनेज करने का। उद्धहरण के लिए : अगर आपकी उम्र 25 वर्ष है तो 100-25 = 75, मतलब आपको अपनी इनवेस्टमेंट का 75% पैसा Equity मे डालना चाहिए। बाकी के पैसे से आप और इनवेस्टमेंट कर सकते है जैसे की गोल्ड, Debt, Real Estate और Mutual Funds। ऐसा नहीं है की ये जरूरी है, बस आप ऐसा कर सकते है जिससे आपकी इंकम और savings और बढ़ते ही जाएगी।

3. 50-30-20 Rule

अगर आप फाइनैन्स की तरफ थोड़े से inclined है और aware है तो ये rule आपने सुना होगा। 50-30-20 Rule इतना कहता है की आपको अपनी सैलरी का 50% जरूरतों पर खर्च करना है, 30% wants (चाहतों) पर और 20 % पैसा आपको save करना है।

Example से आपको आसानी होगी : मान लीजिए आपकी सैलरी 100 रुपया है। उसमे से आपको खर्च करने है:

  • जरूरतों पर                 –     50 रुपया
  • चाहतों पर                    –     30 रुपया
  • निवेश और बचत पर    –     20 रुपया

4. 6 गुना ईमर्जन्सी फंड (Emergency Fund)

ये rule कहता है आपको अपनी savings अकाउंट खाते में अपनी मासिक खर्च का 6 गुना पैसा रखना चाहिए। अगर आपकी मासिक खर्च 100 रुपया है तो आपको अपनी savings अकाउंट मे 600 रुपया रखना ही चाहिए। उसके अलावा आप अपना सारा पैसा इन्वेस्ट कर सकते है। मतलब की अगर 50-30-20 रूल से जो आपका 20% पैसा savings और इनवेस्टमेंट के लिए है उसमे से पहले 6 x Monthly खर्च अलग से साइड कर दीजिए। ये पैसा आपके ईमर्जन्सी के लिए है जैसे अचानक से ना टालने वाले खर्च या फिर किसी बूरे समय के लिए पैसा।  अब यहा बात आती है की इन पैसों को नॉर्मल savings अकाउंट मे नहीं रखना है। बल्कि ऐसे savings अकाउंट मे रखना है जिसमे ऑटो स्वीप की facility हो। इससे आप savings अकाउंट मे ही Fixed Deposit वाला interest कमा पाएंगे।

5. लाइफ इन्श्योरेन्स Rule

बहुत से लोग कन्फ्यूज़ होते है की कितने का लाइफ इन्श्योरेन्स ले? लाइफ इन्श्योरेन्स प्लान का सबसे बेस्ट रूले है – 10 x Annual Income Rule। मतलब आप जितना पैसा आज के डेट मे सालाना कमा रहे है उसका 10 गुना का लाइफ इन्श्योरेन्स प्लान ले लीजिए। इतना तो कम से कम लीजिए ही। वैसे तो ये rule के साथ साथ 20 x Rule, 12 x Rule भी है, पर 10 गुना तो कम से कम होना ही चाहिए।

Example के लिए – अगर आप एक साल मे 100 रुपया कमाते है तो आपको 1000 रुपया की लाइफ इन्श्योरेन्स लेनी है (Term Plan वाली)। अब इसके अलावा आप अगर और पैसे की प्रीमियम दे सकते है तो और आगे 12 x और 20 x तक जा सकते है।

इस रूल का सीधा सा concept है की अगर आपको कुछ हो जाता है तो आप अपने परिवार के लिए उतने सालों का पैसा छोर जाए जिन से वो आगे बढ़ सके।

6. कितना लोन लेना चाहिए

वैसे तो लोन दो धारी तलवार होता है पर कभी कभी जरूरत ही ऐसा पड़ जाता है की लोन लेना ही पड़ता है चाहे वो घर, कार, बीमारी, पढ़ाई, या फिर शादी हो। इस rule के मुताबिक आप उतना ही लोन ले जिस से आपकी emi आपकी सैलरी का 40% से ज्यादा ना हो। मतलब ये है की आपको कम से कम 60% पैसा तो चाहिए ही अपनी रोज की जिंदगी बीतने के लिए। देखिए गुजरा तो कम पैसों मे भी हो जाएगा पर ज्यादा emi कटाने से आपके ऊपर फाइनैन्शल प्रेशर बढ़ेगा। अब बात ये भी आ जाता है की अगर हम लोन की tenure बढ़ा दे तो emi कम हो जाएगा, पर यहा भी आपको Interest ज्यादा चुकाना पड़ेगा। अब लोन तो लोन है कोई लेना नहीं चाहता है पर देना हर बैंक का चाहता है। इसीलिए लोन लेने से पहले अपनी emi calculate करिए और जितनी जरूरत हो उतनी ही लोन लीजिए। emi calculate करने के लिए आप कोई सा भी emi कैलक्यूलेटर इस्तेमाल कर सकते है।

7. Retirement वाला Rule

अब देखिए लोग तो बहुत सी बातें करते है की हम 40 साल मे रिटाइर होना चाहते है या 30 साल मे रिटाइर होना चाहते है। पर रिटाइअर्मन्ट का सीधा सा मतलब है की आप उस दिन रिटाइर हो जाए जिस दिन आपको लगे की अब आप और काम नहीं कर पा रहे है। पर काम न करने के लिए कुछ पैसे तो रहने चाहिए जिससे आपके रोज के खर्च चले। ये rule वही बताता है की आपके पास कितना पैसा होना चाहिय रिटाइअर्मन्ट के टाइम। इस नियम के मुताबिक आपके पास इतना पैसा savings अकाउंट मे होना चाहिए जिस से आपको महीने के खर्चे interest के रूप में मिले। Example के लिय – अगर आपके महीने के खर्चे 10000 रुपया है तो आपके पास कम से कम इतना पैसा चालू account मे हो जिससे आपको 10000 रुपया interest मिलते रहे। इसे 25 x rule भी कहते है जिसके मुताबिक आपके सालाना खर्चे को 25 गुना पैसा आपके पास होना चाहिए। ये rule कोई हार्ड & फास्ट rule नहीं है। बेसिक कान्सेप्ट ब्याज मे पैसे आने का है, आप अपने हिसाब से चीजों मे फेर बदल कर सकते है।

8. 1st Week Rule

आज के समय मे ये चीज आम है की लोग जो पैसा बच जाता है उसको निवेश करते है। आज के बाद से ये चीज बंद कर दीजिए। बल्कि ऐसा करिए की आपका सैलरी जिस भी तारिक को आता है उसके तीसरे या चौथे दिन ही इन्वेस्ट कर दीजिए। हमारी नेचर के हिसाब से जो पैसा इनवेस्टमेंट के बाद बच जाएगा हम उस में अपना महिना निकाल ही लेंगे। इस से दो चीज होंगे – एक तो आपकी investment गोल्स कम्प्लीट होंगी और दूसरी आपके फालतू के खर्चे नहीं होंगे। क्यूंकी जब जेब गरम होता है तभी फालतू के खर्चे होते है।

9. 3-3-3 rule

ये कहता है की हमे अपनी इनवेस्टमेंट की प्लैनिंग 3 stages में करनी है। पहले हमे 3 सबसे महत्वपूर्ण चीजों में पैसे इनवेस्ट करनी है है। उसके बाद 3 personal चीजों मे और फिर अपनी 3 जहा मन वहाँ इनवेस्टमेंट करनी है। Example के लिए:

3 जरूरी चीजे – लाइफ इन्श्योरेन्स, हेल्थ इन्श्योरेन्स और emergency Fund।

3 पर्सनल ईन्वेस्ट्मेंट्स – लोन की जल्दी भुगतान, रिटाइअर्मन्ट प्लैनिंग और गोल्ड में इनवेस्टमेंट।

3 normal investment – SIPs, म्यूचूअल फंड्ज, या कोई स्टॉक्स etc।

देखिए वैसे तो कोई भी इनवेस्टमेंट Inflation से बचेगा नहीं, लगभग सारी ही ईन्वेस्ट्मेंट्स पर Inflation का असर रहता ही है। इसीलिए आपको ये देखना है की इन्फ्लैशन आपकी Return On Investment इन्फ्लैशन से ज्यादा हो। Example से समझते है :
मान लीजिए आपकी total इनवेस्टमेंट आपको 5% Interest दे रही है और अभी CPI 4.81% (June 2023) हैं। आपकी net interest फिर 5 – 4.81 = .019% जो की बहुत ही कम है। तो आपको हमेशा ही देखना पड़ेगा की आपका पैसा सच मे बढ़ रहा है की नहीं?

अंतिम विचार:

उम्मीद करते है की आपको कुछ सीखने को मिल होगा। निवेश और बचत दोनों ही आम इंसान के लिए बहुत जरूरी है। भले 500 रुपया ही आप निवेश करिए लेकिन करिए जरूर इससे आपकी जागरूकता बढ़ेगी और आप पैसों को अच्छे से इस्तेमाल कर पाएंगे।

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