Price Action क्या होता हैं? Price Action Trading कैसे सीखे?

price action trading kya hota hain

अगर आप शेयर मार्केट में कदम रख चुके हैं तो आपने एक बहुत ही famous कहावत सुना ही होगा की भाव ही भगवान हैं। शेयर मार्केट में दो तरह के लोग होते हैं, पहले निवेशक और दूसरे Traders और दोनों में जमीन आसमान का फर्क हैं। ये जो भाव हैं ये Traders के काम की चीज हैं। इसलिए आपने बहुत बार बड़े बड़े traders से सुन ही होगा की भाव ही सबकुछ हैं।

जैसा की भाव का अंग्रेजी अनुवाद Price (कीमत) होता हैं। इसलिए अगर आप केवल भाव के ऊपर ही trading करते हैं तो उसे Price Action Trading कहते हैं। Price के ऊपर Action लेकर trading करने को ही Price Action Trading कहते हैं। इस आर्टिकल मै Price Action क्या होता हैं? Price Action Trading कैसे करें इसके बारे में बताया गया हैं।

Price Action Trading क्या होता है?

शेयर मार्केट में पैसे कमाने के लिए आपको या तो Fundamental Analysis करके एक अच्छी कंपनी में पैसा निवेश करना होगा। या फिर Technical Analysis करके आपको ऐसे Trades लेने होंगे जो आपको फायदा पहुचा सके। Price Action पूरी तरह से Technical Analysis का हिस्सा हैं। आप इसमे कंपनी के Financial Data को नजरंदाज करते हैं और केवल कीमतों के उतार चढ़ाओ के ऊपर ही अपने निर्णय लेते हैं।Technical Analysis और Price Action का एक बुनियादी नियम है की जो चीज इतिहास में हो चुका हैं वो चीज फिर से होगा। बस आपको नजर रखना हैं की वो कब होगा।

जैसा की आपको मालूम है की किसी भी शेयर की कीमत उसके Demand और Supply के ऊपर निर्भर करती हैं। शेयर की कीमत हमेशा ऊपर नीचे होते रहता हैं और ये पूरी तरह से निवेशकों, traders और हमारे आपके जैसे लोगों के अपने खुद के निर्णय के ऊपर निर्भर करता हैं की वो पैसा कहा लगा रहे हैं। देखिए अब ऐसा तो हैं नहीं की एक इंसान की सोच बाकी इंसानों की तरह हो और जहा बात लाखों लोगों की हो रही हैं तब तो बहुत कम उम्मीद हैं। और इसलिए जब भी चार्ट पर इन निर्णयों का असर दिखाई देता हैं तो एक trader पुराने charts पैटर्न देख कर अनुमान लगता है की आने वाले समय में क्या होगा। और इसी पूरी प्रक्रिया को Price Action कहते हैं।

Price Action Trading कैसे सीखे ?

Price Action Trading सीखना आसान नहीं हैं। इसमे समय लगता हैं। सेबी ने एक रिपोर्ट में बताया हैं की 90% trader अपना नुकसान ही करवाते हैं। तो जाहीर सी बात हैं की उन 10% में आपको आने के लिए मेहनत करना पड़ेगा।

किसी भी शेयर का Technical Analysis करने के लिए आपको चार्ट को देखना पड़ेगा। आप चार्ट को देखने के लिए tradingview.com का मदद ले सकते हैं। Price Action सीखने के लिए आपको सबसे Trends को समझना पड़ेगा। Trend से मतलब हैं की शेयर की कीमत का बर्ताव कैसा हैं।

शेयर मार्केट Trend

स्टॉक मार्केट की सारी shares मुख्य रूप से तीन trend में रहती हैं। Uptrend, Downtrend और sideways Trend। Uptrend का मतलब हैं की शेयर की कीमत ऊपर जा रही हैं, downtrend का मतलब हैं की शेयर की कीमत नीचे जा रही हैं और Sideways Trend का मतलब है की शेयर की कीमत एक रेंज में बस झूला झूल रही हैं। आप नीचे एक उदाहरण देख सकते हैं।

trend Meaning in Share Marketयहाँ पर आप देख सकते हैं की मार्केट शुरू के समय में सीधा सीधा ऊपर गई हैं, उसके बाद कुछ समय के लिए एक रेंज में ऊपर नीचे हुआ हैं और अंत में नीचे गई हैं। शुरू के समय में इसे Uptrend कहते हैं, बीच वाले में Sideways Trend और अंत वाले में Downtrend। ऐसा हो सकता हैं की शुरू में आपको थोड़ा परेशानी हो पर आप धीरे धीरे चार्ट देखते देखते समझ जाएंगे की चार्ट में कीमत कौन से Trend में हैं। एक आसान तरीका नीचे दिया गया हैं।

Uptrend – जब भी शेयर की कीमत Higher Highs और Higher Lows बनाने लगे तो आप समझ जाए की स्टॉक Uptrend में हैं। मतलब की अगर शेयर की कीमत 10 बजे 100 पर Open हुआ हैं और 120 पर Close हुआ हैं। 11 बजे 125 पर Open होकर 130 पर Close हुआ। और ऐसे ही करके अगर आगे बढ़ते गया है तो वो Uptrend हैं।

Downtrend – सीधी सी बात हैं की ये Uptrend का उलटा होगा और Downtrend में Lower Highs और Lower Lows बनना शुरू हो जाएंगे।

Sideways – जब highs और lows एक Range में हो और बार बार शेयर की कीमत उतने पर ही रहे। कीमतें ना पुराने वाले High को तोड़े और ना पुराने वाले low को तोड़े। ऐसे मे मार्केट Sideways में हैं। यहाँ पर एक जरूरी विषय समझने की जरूरत हैं Support और Resistance।

Uptrend में मार्केट/निवेशक/trader को सीधा सीधा ये पता होता हैं की स्टॉक के साथ क्या करना हैं। मतलब की वो जी भर के शेयर को खरीदते हैं। ठीक इसका उलटा Downtrend में होता हैं। मतलब लोगों को मालूम हैं की शेयर को बेचना हैं। Sideways मार्केट में कुछ निर्णायक नही होता हैं। सब लोग उस शेयर के साथ खेल रहे होते हैं। और traders को ये Sideways वाले मार्केट बहुत पसंद होते हैं।

Support और Resistance

Support Resistance Meaning in Hindi

Support और Resistance समझने के लिए आप ऊपर के फ़ोटो को देखिए। जैसा की आप समझ पाएंगे की ये एक Sideways मार्केट का उदाहरण हैं। यहाँ पर पहले शेयर की कीमत ऊपर गई A point तक फिर लोगों ने उसे बेचन शुरू किया तो वो नीचे आई B point तक। लोगों ने उसे फिर से खरीदना शुरू किया पर शेयर अपने पुराने High (A) को तोड़ नहीं पाई और C Point से नीचे आ गई। ठीक उसके बाद भी शेयर गिरती भी हैं तो D Point तक गिरती हैं।

यहाँ पर अगर आप एक लाइन की मदद से इन points को जोड़ेगे तो देखेंगे की ये जो कीमतें हैं वही Support और Resistance हैं। Support का मतलब की वो कीमत जो शेयर को गिरने ना दे और Resistance का मतलब की वो कीमत जो शेयर को और ऊपर जाने ना दे।

वैसे ऐसा नहीं है की कीमत ऊपर/नीचे नहीं जाएगी, ये बस एक अनुमान हैं की शेयर की कीमत यहाँ पर आएंगी जो स्टॉप लॉस लगाने में मदद करता हैं। जब शेयर की कीमत अपने Support को तोड़ कर नीचे जाती हैं तो उसे हैं Breakdown कहते हैं। और जब शेयर की कीमत अपने Resistance को तोड़कर ऊपर जाती हैं तो उसे हम Breakout कहते हैं।

शेयर मार्केट में Breakout और Breakdown क्या होता हैं?

breakout और Breakdown क्या होता हैं

इस ऊपर के चार्ट में जो सीधी लाइन हैं अगर आप उसे देखेंगे तो पहले वो Resistance का काम किया हैं। क्यूंकी वो शेयर की कीमत को ऊपर जाने नहीं दे रहा था। ठीक उसके बाद के समय में वो Support का काम किया हैं क्यूंकी ये शेयर को नीचे जाने नहीं दे रहा था। ये आप पूरी चार्ट देखेंगे तो आपको आसानी से समझ में आ जाएगा।

ऐसे में जब शेयर की कीमत अपने Resistance को तोड़कर ऊपर चली जाए तो वो Breakout हुआ। वैसे ही जब शेयर की कीमत अपने Support को तोड़कर नीचे चली जाए तो उसे हम Breakdown बोलते हैं।

अक्सर आप Fake Breakout और Fake Breakdown भी सुनेंगे। इसका मतलब ये हैं की जब शेयर की कीमत Breakout या Breakdown दे तो उस समय जीतने भी orders हो रहे हैं उन सब को मिलाकर एक अच्छी तादाद नहीं हैं। मतलब की ये Breakout में Volume नहीं हैं। और इसलिए वो Fake हैं।

शेयर मार्केट में Volume क्या होता हैं?

जब भी किसी शेयर में आप trading करते हैं तो आप एक शेयर को खरीद या बेच रहे हैं। मतलब आप एक Buyer हो सकते हैं या फिर एक Seller हो सकते हैं। इन दोनों को मिलाकर जीतने लोगों ने किसी समय में शेयर के ऊपर खरीदी या बिक्री की हैं उन सब को मिलाकर ही Volume बनता हैं।

volume meaning in share market

अगर आप चार्ट में देखेंगे तो ये दो रंग के हैं। एक लाल और एक हरा। लाल का मतलब हैं की उस समय/दिन/हफ्ता में कुल Sellers ही थे। मतलब शेयर की बस बिक्री ही हुई हैं। ठीक उसी तरह हरा का मतलब हैं की मार्केट में उस समय कुल Buyers ही थे जिन्होंने ने शेयर को सिर्फ खरीदा हैं।

ये डंडी जितनी लंबी होगी उस शेयर में उतनी ज्यादा Volume होगी। Volume से ये पता चलता हैं की शेयर में Liquidity हैं की नहीं।

अगर Breakouts या Breakdown हो रहा हैं तो Volume ज्यादा होना चाहिए। अगर Volume कम हैं तो वो Fake Breakout/Breakdown हैं।

शेयर मार्केट में Trendlines क्या होते हैं?

trendline Meaning in Hindi

जब भी आप Technical Analysis करते हैं तो आपको सबसे पहले Trend पता करने की जरूरत होती हैं। एक कहावत हैं की trend के विपरीत कभी trading नहीं करनी चाहिए। मतलब की आपको बहती हुई नदी में हाथ धोना हैं ना की नदी के विपरीत लड़ाई करना हैं।

जाहीर सी बात हैं की ये Trend आप पता कैसे करेंगे। देखिए जब आप चार्ट देखेंगे तो आपको थोड़ा अंदाजा हो जाएगा की वो शेयर की trend क्या हैं। जैसे की ऊपर में पहले शेयर की कीमत नीचे जा रही थी फिर एक candle ने चार्ट को uptrend में कर दिया।

जैसा की आपको मालूम हैं की शेयर की कीमत हमेशा एक Pattern में रहती हैं और यही pattern का पता करने के लिए एक Trader Trendline बनाता हैं। Trendline बनाने के सबसे बुनियादी नियम ये हैं की आपको जितना हो सके उतने Candles को छूना हैं और कोशिश करना हैं की कोई candle कटे ना। ऊपर के उदाहरण में आप दो Trendlines देख सकते हैं। आप किसी भी चार्ट में trend पता करने के लिए Super trend नाम के indicator का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। पर कोशिश करिए की indicator इस्तेमाल करने से पहले खुद से कैसे trend पता करें।

Price Action Trading के लिए Indicators ?

Technical Analysis करने के लिए आपको indicators की जरूरत पड़ती हैं। Indicators ऐसे tools/ उपकरण हैं जो आपको पुरानी data के आधार पर होने वाली चीजों को बताते हैं। कुछ महत्वपूर्ण indicators हैं।

  • MACD
  • RSI
  • Stochastic
  • Bollinger Band
  • Moving Average
  • Super Trend
  • ADX
  • VWAP

हालांकि ये Indicators आपका मदद तो कर सकते हैं पर इनसे आप तब चीजों को जान पाएंगे जब मार्केट आगे जा चुकी होगी। उदाहरण के लिए Super trend indicator जब तक आपको बताएगा की कौन सा ट्रेंड हैं तब तक तो आप खुद भी जान जाओगे की कौन सा trend चल रहा हैं। इससे बेहतर हैं की अच्छे Price Action सिख लीजिए और Price Action बिना चार्ट पैटर्न और candle पैटर्न के अधूरा हैं।

Candlestick Patterns और Chart Pattern

जैसा की चार्ट के ऊपर Candles होते हैं। और ये Candles दो तरह के होते हैं – Bearish और Bullish। इन दोनों में भी अलग अलग तरह के Candles होते हैं जिन्हे देख कर आप Chart Analysis करते हैं। कुछ मुख्य Candles नीचे दी गई हैं।

  • Hammer
  • Inverted Hammer
  • Shooting Star
  • Doji

इन candles के अलावा और भी Candles हैं।

बहुत सारे Candlestick को मिला कर जब चार्ट में एक तरह का पैटर्न बनता हैं उसका इस्तेमाल करके भी आप Price Action Trading कर सकते हैं। कुछ मुख्य Candlestick Chart Pattern नीचे दिए हैं।

  • Double Top Chart Pattern
  • Triple Top chart pattern
  • Double Bottom Chart Pattern
  • Head and Shoulders Chart Pattern
  • Bullish Rectangle Chart Pattern
  • Cup and Handle Pattern
  • Flag Chart Pattern
  • Reverse Head and Shoulders Chart Pattern
  • Bearish Rectangle Chart Pattern

ज्यादातर समय चार्ट पैटर्न और Candlestick पैटर्न गलत नहीं होते हैं पर जरूरी ये बात हैं की आप सही से पैटर्न को चार्ट में देख पा रहे हैं की नहीं। उसके लिए आपको सही से सही Time Frame चुनना होगा, Trendlines बनाना होगा, Trend पहचानना होगा, Stop Loss लगाना होगा, Breakouts और Breakdowns पहचानना होगा। इसके साथ ही एक मानसिकता बनाना होगा की आप बुनियादी चीजों को भूल कर भावनाओ में trade नहीं करेंगे।

अंत में

Price Action सीखने में समय तो लगेगा, हो सकता हैं आप trendline ही ना बना पाए पर धीरे धीरे आपको चीजे समझ जाएंगे। आप आसान चीजों के पहले समझे और जैसे जैसे आपको समझ में आने लगे तो आप अपनी Trade को और आगे ले जाए। Price Action सीखने में समय लग सकता हैं इसलिए थोड़ा धैर्य बनाए रखे। उम्मीद हैं आपको Price Action Trading से संबंधित कुछ जानकारी मिली होगी। अगर आपको कुछ ना समझ में आए तो आप नीचे कमेन्ट करके पुछ सकते हैं।

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