RSI Indicator Meaning in Hindi | RSI Indicator क्या होता हैं?

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देखिए शेयर मार्केट में तो उतार-चढ़ाव लगा रहता है। एक नए निवेशक को भले ही यह परेशान करें। पर जो लोग पुराने निवेशक और ट्रैडर है उनके लिए यह उतार-चढ़ाव से बाहर निकालना कोई मुश्किल का बात नहीं है। वह मार्केट में किसी भी समय पैसा कमा सकते हैं और इसके लिए वह अलग-अलग इंडिकेटर का इस्तेमाल करते हैं। उन्ही Indicators में से एक है RSI Indicator। देखिए ऐसे तो मार्केट में बहुत सारे इंडिकेटर मौजूद हैं लेकिन RSI का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है। इसीलिए इस आर्टिकल में हम समझने की कोशिश करेंगे कि RSI Indicator क्या होता है। और शेयर मार्केट में RSI Indicator को कैसे इस्तेमाल किया जाता है।

RSI Indicator in Hindi | RSI Indicator क्या होता हैं?

देखिए जब भी आप किसी शेयर का टेक्निकल एनालिसिस करते हैं तो आपको इंडिकेटर की जरूरत पड़ती है। RSI भी एक इंडिकेटर है जिसका इस्तेमाल टेक्निकल एनालिसिस में किया जाता है। बहुत से ऐसे इंडिकेटर होते हैं जो मार्केट में होने वाली चीजों के बारे में पहले बताते हैं उन्हें लीडिंग इंडिकेटर बोला जाता है। और बहुत से इंडिकेटर ऐसे होते हैं जो मार्केट में जो चीज हो चुकी हैं उसके बारे में बाद में बता पाते हैं उन्हें हम Lagging इंडिकेटर कहते हैं।

RSI एक लीडिंग इंडिकेटर है जो मार्केट में होने वाली गतिविधि को पहले ही बता देता है या एक तरह से कह सकते हैं कि इंडिकेट कर देता है। जरूरी नहीं है की यह इंडिकेटर आपको एकदम करेक्ट और सटीक जानकारी ही दे। यह बस एक अनुमान लगाया जा सकता है कि हां यह इंडिकेटर के कारण यह चीज हो सकता है पर ऐसा होगा, यह जरूरी नहीं है। आपको अपना ट्रेड लेने से पहले इंडिकेटर के साथ-साथ बहुत सारी चीजों का ध्यान रखना जरूरी है।

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Relative Strength Index शेयर की तेजी बताने वाला इंडिकेटर है जिससे हमें किसी भी स्टॉक की कीमतों में कितनी तेजी है वह पता चलती है। अब चाहे वह ऊपर की तरफ की तेजी हो या फिर नीचे की तरफ की तेजी हो। RSI का Value जो है वह 0 और 100 के बीच में होता है।

लगभग सारे कैंडलेस्टिक चार्ट्स पर RSI Indicator का डिफॉल्ट सेटिंग 14 Candles का रहता है जिसे आप अपने हिसाब से चेंज कर सकते हैं। यहां पर यह 14 Candles का मतलब यह हुआ कि पिछले 14 Candles में जो भी शेयर की कीमत में Average Gain या Loss हुई है उनके हिसाब से RSI कैलकुलेट करके एक नंबर निकाला जाता है जो की चार्ट में प्लॉट किया जाता है। यह नंबर 0 से 100 के बीच में हो सकता है। अब देखिए अलग-अलग दिन/समय पर निकलेंगे तो अलग-अलग नंबर आएगा और इस नंबर को जोड़कर RSI का चार्ट प्लॉट किया जाता है। अब होता क्या है कि अगर यह नंबर अगर 70 के ऊपर है तो मार्केट Overbought जोन में है और अगर 30 के नीचे है तो Oversold जोन में है।

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RSI Indicator Strategy in Hindi

मार्केट में जब Buyers ज्यादा आ जाते हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि कोई भी स्टॉक Overbought है या ज्यादा खरीदा हुआ है। और जब मार्केट में सेलर्स बहुत ज्यादा आ जाते हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि कोई भी स्टॉक Oversold किया हुआ है। अगर Buyers ज्यादा है तो शेयर की कीमत बहुत ज्यादा होगी और सेलर्स ज्यादा है तो शेयर की कीमत कम होगी। इसी चीज का इस्तेमाल करके  हम समझेंगे कि RSI का जो वैल्यू है वह कैसे हमें बताता है कि कौन सा स्टॉक Overbought है या कौन सा स्टॉक ओवर सोल्ड है।

आपको इतना तो अनुमान लगा ही लिए होंगे की RSI Indicator से यह पता चलता है कि कौन सा स्टॉक Overbought ज़ोन है और कौन सा स्टॉक Oversold ज़ोन में है।  लेकिन RSI Indicator से यह भी पता चलता है कि कब ट्रेंड में रिवर्सल आने वाला है या मार्केट अपने आप को करेक्ट करने वाला है। और इसी का इस्तेमाल करके आप अपना trade ले सकते हैं। पर ये ध्यान रखिए की सिर्फ RSI के बदौलत trade नहीं लेना चाहिए।

  • Overbought: 70 के ऊपर हैं और यहाँ से मार्केट अपने ट्रेंड को बदल सकती हैं।
  • Neutral: 30 और 70 के बीच में रहना। मतलब मार्केट sideways हैं।
  • Oversold: 30 के नीचे रहने का मतलब हैं की मार्केट Oversold हैं और Buyers आ सकते हैं।

आप Overbought और Oversold के साथ-साथ Trend Reversal का इस्तेमाल करके ट्रेड ले सकते हैं। इसके अलावा और एक स्ट्रेटजी है जिसे हम RSI Divergence कहते हैं। इसमें क्या होता है की के RSI trend के उल्टे दिशा में चार्ट बनता है। अब जैसा कि RSI एक लीडिंग इंडिकेटर है इसका मतलब कि वह आने वाली trend की जानकारी पहले ही दे रहा है।

उदाहरण के लिए अगर शेयर की कीमत higher highs और higher lows (मतलब uptrend) बना रही हैं तो RSI Lower highs aur lower lows बनाने लगेगी, जो की आने वाले downtrend का सूचक हैं।

जब कीमत गिर रही है और RSI बढ़ रहा हैं ये एक buying का ज़ोन हैं और अगर कीमत बढ़ रहा हैं और RSI घट रहा हैं तो वो एक Selling का ज़ोन हैं।

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RSI Indicator की कमियाँ

देखिए जैसा कि RSI Indicator एक लीडिंग इंडिकेटर है इसका मतलब यह हुआ कि जो भी यह इंडिकेटर इंडिकेट कर रहा है वह भविष्य में होने की संभावना है। यह बस अनुमान लगाया जा रहा है कि हां ऐसा हो सकता है। इसीलिए इसके ऊपर उतना ज्यादा भरोसा करके ट्रेड ले लेने से सिर्फ नुकसान ही होगा। RSI इंडिकेटर के साथ-साथ आपको और अन्य इंडिकेटर जो मार्केट में है उसका भी इस्तेमाल करना है, प्राइस एक्शन का भी इस्तेमाल करना है, न्यूज़ का भी इस्तेमाल करना होगा। और अगर प्रॉफिट करना है तो आपको सारी चीजों का ध्यान में रखना जरूरी है।

अंत में

RSI इंडिकेटर बहुत ही महत्वपूर्ण इंडिकेटर है जो मार्केट के मोमेंटम को और आने वाले स्विंग को बता देता है। आप इसकी मदद से अच्छा खासा ट्रेड लेकर प्रॉफिट कर सकते हैं। यहाँ पर जरूरी चीज हमेशा याद रखनी है कि हर एक इंडिकेटर का कुछ कमियां होती है जो कि इस इंडिकेटर की भी है। इसलिए हमेशा पूरी जानकारी के सहट ही trade करें। अगर आपको कुछ भी समझ में ना आए तो आप नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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