शेयर मार्केट में IPO क्या होता हैं? IPO Meaning in Hindi

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नवंबर 2023 IPO का महिना रहा हैं। ढेर सारी कंपनी ने अपने अपने IPO को मार्केट में लेकर आए। Mamaearth IPO, Protean IPO, Tata Tech IPO, IREDA IPO ने मार्केट में बहुत शोर मचाया हैं। इन सब के अलावा भी बहुत से IPOs ने मार्केट मे कदम रखा। देखिए अब IPO का मतलब ही नहीं मालूम होगा तो कोई भी निवेशक सही निर्णय कभी नहीं ले पाएंगे। और अंत में एक आम निवेशक के पैसे बर्बाद होंगे। उदाहरण के लिए आप Mamaearth IPO share price देख सकते हैं। सही निर्णय लेने के लिए आपको सही जानकारी होनी बहुत जरूरी हैं। इस आर्टिकल में IPO क्या होता हैं? IPO full form in Hindi, IPO Meaning in Share market और IPO से जुड़ी जरूरी बातें दी गई हैं।

Share Market में IPO क्या होता हैं?

IPO का full form Initial Public Offering होता हैं जिसे हिन्दी में प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव कहते हैं। जब भी कोई Private कंपनी अपने शेयर/हिस्सेदारी/भागेदारी को आम जनता को देने का निर्णय करती हैं तो वो अपने Equity/कंपनी का IPO लेकर मार्केट/शेयर बाजार में आती हैं। अब ऐसा करने के बहुत से कारण हो सकता हैं की आखिर कंपनी एक प्राइवेट कंपनी क्यू पब्लिक कंपनी बनना चाहती हैं। वैसे और भी बहुत से चीजे IPO को अच्छा या बुरा बनाती हैं।

इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी को क्या फायदा और नुकसान हैं, निवेशकों को फायदा नुकसान हैं, मार्केट में क्या असर पड़ेगा और एक आम निवेशकों को इन सब चीजों के बारे मे कहा से पता चलेगा। गौर करिएगा की न्यूज और मार्केटिंग के चक्कर में आकार कभी भी किसी भी IPO में निवेश मत करिएगा।

IPO Meaning in Hindi 

देखिए मान लीजिए आपकी कोई कंपनी जिसे आपने 4 दोस्तों ने मिलकर बनाई हैं। सभी के पास 25% की हिस्सेदारी हैं। अब अगर आप चारों लोग अपना 2-2% हिस्सेदारी आम जनता को देने का निर्णय लेंगे तो आप कुल 8% शेयर का IPO लेकर आएंगे। इसलिए आपने देखा होगा की कोई भी IPO जब खुलता हैं तो उसमे कितना पर्सेन्ट equity पब्लिक के पास जा रहा हैं (या कितने शेयर) लिखा रहता हैं। उदाहरण के लिए – TATA Tech IPO का issue size 3,042.51 crore हैं जो 6.09 crore equity shares का OFS offer for sale हैं।

अब जरूरी ये हैं की आप ऐसा क्यू करेंगे मतलब की एक कंपनी अपने शेयर को शेयर मार्केट में क्यू लाती हैं। एक आम निवेशक को लगेगा की बस कंपनी शेयर मार्केट में trade/list होने के लिए IPO लेकर आती हैं। मतलब हम आप उस कंपनी के शेयर को खरीद और बेच सके, पर ये पूरा बात नहीं हैं।

जब भी कोई कंपनी IPO लेकर आती हैं तो वो अपना हिस्सा किसी को दे रही हैं। और ऐसा करने में कंपनी अपने Equity को बेच दे रही हैं। इसके बदले उन्हे मार्केट से पैसा मिलता हैं। मतलब की आप जब IPO को apply करते हैं और अगर आपको शेयर मिले तो वो पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा। अगर आपको मालूम हो तो ऐसा सिर्फ एक बार मतलब IPO के समय ही आप कंपनी से सीधे शेयर खरीद रहे हैं। नहीं तो आप जब किसी कंपनी के शेयर को मार्केट से खरीदते हैं तो वो एक दूसरा निवेशक ही हैं।

कोई कंपनी IPO क्यू लाती हैं?

आपको ये तो समझ में आ गया की कंपनी को अपने शेयर बेचने से पैसे मिलते हैं। तो एक कंपनी जिसे पैसे की जरूरत हो वो अपना IPO मार्केट में लेकर आती हैं। अब ये पैसा किस लिए इस्तेमाल होगा ये आपको कंपनी के बारे में पढ़ने से पता चल जाएगा। उदाहरण के लिए- बिजनस फैलाना, लोन का पेमेंट करना, नए नए जगह निवेश करना इत्यादि।

कंपनी के IPO आने से मार्केट को कंपनी के बारे में और ज्यादा जानकारी होती हैं। उदाहरण के लिए बहुत से लोग IPO आने के बाद ही कंपनी के बारे में जान पाते हैं। इससे कंपनी का एक reputation मार्केट में बनता हैं जिससे कंपनी को नए नए बिजनस करने मे आसानी होती हैं। FIIs और DIIs भी आसानी से कंपनी के बारे में जानकारी ले सकते हैं। साथ ही साथ बैंक से लोन वैगरा लेने में भी दिक्कत नहीं होती हैं।

जाहीर सी बात हैं की मार्केट में लिस्ट होने के बाद कंपनी के शेयर की Liquidity बढ़ जाती हैं। मतलब की कंपनी आसानी से अपने शेयर को बेच कर और पैसे कमा सकती है। वही दूसरी तरफ एक निवेशक भी सही IPO से कुछ पैसा कमा सकता हैं।

एक कंपनी IPO कैसे लाता हैं?

वैसे तो एक निवेशक के लिए IPO कैसे आता हैं उतना महत्वपूर्ण नहीं हैं। लेकिन फिर भी जानकारी होना जरूरी हैं। देखिए कंपनी को IPO लाने के लिए कंपनी एक investment bank को सारी जानकारी देती हैं। जिसकी मदद से वो Investment Bank IPO की सारी क ख ग घ तैयार करता हैं। इस document को Red Herring Prospectus (RHP) बोलते हैं और इसी में कंपनी से जुड़ी सारी जानकारी रहती हैं। IPO में कितने शेयर पब्लिक होंगे, एक शेयर की कीमत कितनी होगी से लेकर कंपनी के Financial data सब इसी में होते हैं।

इसके बाद अलग अलग सरकारी नियम कानून का पालन करना होता हैं। SEBI, SEC (Securities and Exchange Commission), NSE/BSE इत्यादि के साथ मिलकर एक कंपनी अपना IPO लेकर आता हैं।

अब यहाँ पर एक आम निवेशक के लिए ये जरूरी हैं की वो इस RHP को कैसे खोजे और उसमे से जरूरी चीजे कैसे निकाले। देखिए एक तो आप NSE/BSE की website पर जाकर ये देख सकते हैं। नहीं तो आप अपने ब्रोकर के पास से भी IPO details में देख सकते हैं। जाहीर सी बात हैं की ये RHP एक किताब से कम नहीं हैं तो समय लग सकता हैं इसलिए आप chittorgarh.com पर भी जाकर देख सकते हैं की IPO कैसा हैं।

IPO में क्या Risks हो सकते हैं?

एक आम निवेशक के लिए जागरूक होना बहुत जरूरी हैं। इसी से वो सारे risks कम हो सकते हैं। नीचे कुछ महत्वपूर्ण risks दिए गए हैं।

IPOs की कीमतें बहुत ही ऊपर नीचे होती हैं। एक छोटे समय में IPO आपको बहुत फायदा के साथ बहुत नुकसान भी करा सकता हैं। इसे Volatility कहते हैं।

मार्केटिंग के वजह से चीजे बहुत कठिन हो गई हैं। आपको सही IPO खोजने के लिए मेहनत करना पड़ेगा। Mamaearth इसका बहुत अच्छा उदाहरण हैं। साथ ही आपको ये भी सुनिश्चित करना हैं की आपका पैसा जा कहा रहा हैं। अगर आप थोड़े से जागरूक होंगे तो Pump and Dump के बारे में जरूर सुने होंगे। क्या होता है की IPO में इसका खूब इस्तेमाल होता हैं। किसी तरह कंपनी अपना IPO ला देती हैं और खूब मार्केटिंग करती हैं जिससे आम निवेशकों को लगता हैं की कंपनी बहुत अच्छी हैं। वो अपना पैसा निवेश करते हैं जो की कंपनी के पास जाती हैं और फिर शेयर की कीमत धीरे धीरे जमीन में चल जाती हैं।

एक प्राइवेट कंपनी के बारे में मार्केट में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं रहती हैं। और जैसे ही कंपनी IPO लाती हैं तो वो ये सुरुआती पहल होती हैं। चूंकि मार्केट में ज्यादा जानकारी नहीं रहती हैं तो एक निवेशक का रिस्क बहुत बढ़ जाता हैं। इसलिए बहुत से लोग IPO से दूर रहते हैं। पहले मार्केट में कंपनी आ जाए उसके बाद ही निवेश करने का सोचते हैं।

IPO में निवेश करना चाहिए?

IPO में निवेश करना risky हो सकता हैं पर अगर कंपनी अच्छी हो तो IPO से अच्छे खासे रिटर्न मिल सकते हैं। IPO में निवेश करने में कोई बुराई नहीं हैं बशर्ते आप कंपनी को समझते हैं। कंपनी के Financial data को देखने के बाद ही किसी IPO में निवेश करना चाहिए। कुछ टिप्स नीचे दिए गए हैं:

  • कंपनी के बारे में रिसर्च करिए। कंपनी से जुड़ी सभी मौजूद जानकारी को पढिए।
  • IPO में निवेश के risks को समझिए। अपने risk लेने की छमता के हिसाब से ही निवेश करिए।
  • कंपनी के DRHP/RHP को पढिए। बिजनस को समझिए, मैनिज्मन्ट को समझिए।
  • Fundamental Analysis करिए।
  • Growth के स्थिति को समझिए।
  • धैर्य रखिए

अंत में

उम्मीद हैं आपको IPO से जुड़ी कुछ जानकारी मिली होगी। IPO में निवेश करने के लिए आपको सही जानकारी होनी बहुत जरूरी हैं। कंपनी के RHP में आपको महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाएगी। पर निवेश करने से पहले आपको पूरी रिसर्च करनी जरूरी हैं।

देखिए कंपनी का मार्केट में IPO आना कोई बुरी बात नहीं हैं, पर बहुत जरूरी बात ये हैं की कंपनी किस लिए IPO ला रही हैं। आपको वो चीज समझना होगा जो न्यूज में नहीं हैं। एक देश में अगर IPOs की संख्या बढ़ रही हैं मतलब की देश में विकाश हो रहा हैं। आपको बस कंपनी के financials और growth को देख कर ही निवेश करना हैं।

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