Share Market me TTM क्या होता हैं? TTM Meaning in Hindi

TTM Meaning in Hindi, Share market mein TTM kya hota hain

अगर आप किसी शेयर का Fundamental Analysis करते होंगे तो आपने कभी न कभी TTM शब्द जरूर सुना होगा। TTM किसी भी कंपनी का financial analysis के दौरान बहुत जरूरत पड़ता हैं चाहे वो TTM EPS हो या TTM PE Ratio या फिर TTM ROE। आपको ROE, EPS और PE Ratio के बारे में तो मालूम होगा लेकिन TTM को जानना भी जरूरी हैं। इस लेख में TTM क्या होता हैं और शेयर मार्केट में इसकी क्या जरूरत हैं उसके बारे में बताया गया हैं।

TTM क्या होता हैं? TTM Meaning in Hindi

शेयर मार्केट में TTM का full form होता हैं  “Trailing Twelve Months”। ये एक financial metric है जिसका अक्सर professionals और experts इस्तेमाल करते हैं। इसका मतलब है की पिछले 12 साल का हिसाब किताब। TTM हर एक financial data जैसे की Revenue, interest, profit, PE, EPS, ROE इत्यादि में जरूरी पड़ता हैं।

एक उदाहरण से पूरा समझते हैं

मान लीजिए आपकी कोई कंपनी है जिसकी FY 22-23 में 100 रुपये का नेट प्रॉफ़िट हुआ हैं। अब जैसे की 11.09.2023 को FY 22-23 खत्म हुए 5 महीने से ऊपर हो गया हैं। आपके पास बस पिछेल quarter मतलब की अप्रैल 2023 – जून 2023 का नेट प्रॉफ़िट का हिसाब हैं।

ऐसे में अगर आप पिछले 12 महीने या पिछले 4 quarter मतलब की जुलाई 2022- सितमबर 2022, अकटुबर 2022 – दिसम्बर 2022, जनवरी 2023- मार्च 2023 और अप्रैल 2023 – जून 2023 का हिसाब करके जो profit निकालेंगे उसे हम TTM Net Profit बोलेंगे।

कही कही TTM को LTM मतलब last twelve months भी कहते हैं। गौर करिएगा की कुछ professionals और experts पिछेल 4 Quarter का data ना लेकर पिछले 12 महीने का भी data लेते हैं। ये इस बात पर निर्भर करता हैं की कंपनी ने अपने profit (या कोई और अन्य हिसाब) को हर महीने जारी किया हैं की नहीं।

Stock Market में TTM का महत्व 

इसका सीधा संबंध Financial Analysis से हैं। अगर आप एक निवेशक हैं और अपने मेहनत के कमाई को शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं तो आपको ये जानना बहुत जरूरी हैं की कोई भी कंपनी कैसे काम कर रही हैं।

अगर आप किसी कंपनी का Annual Report या फिर quarterly report का इंतज़ार करते रहेंगे तो आपको बहुत सी चीजे बहुत बाद में पता चलेगी। TTM में क्या होता हैं की आपको पिछले 12 महीने का हिसाब आपको पता चल जाता हैं, अब चाहे हो वो profit हो या फिर loss।

इसके अलावा आप हर एक कंपनी का TTM ratio (TTM PE Ratio, TTM EPS इत्यादि) दूसरे कंपनी के साथ तुलना कर सकते हैं की कौन सा कंपनी बेहतर हैं निवेश के लिए।

यहा पर ये समझना जरूरी हैं की अगर आप कोई भी ratio निकाल रहे हैं तो आप दोनों ही data पिछेल 12 महीने का ही ले। उदाहरण के लिए अगर आप TTM PE Ratio निकाल रहे हैं तो आपको EPS जो लेना हैं वो भी TTM EPS लेना हैं।

TTM PE का फार्मूला = (शेयर की कीमत)/ (TTM Earning per शेयर)

ऐसे ही सारे ratios और data निकलेंगे।

TTM से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • आप अपने हिसाब से 12 महीने को 24 महीने भी कर सकते हैं ताकि आपको और अच्छी जानकारी मिले।
  • TTM Seasonal चीजों को हटा देता हैं। जैसे की अगर October से December वाला quarter हट जाएगा किसी auto वाले कंपनी के लिए तो हिसाब में थोड़ा ऊपर नीचे होगा। अब ऐसा इसलिए क्यूंकी October से December वाले quarter में ज्यादातर गाड़िया बिकती हैं क्यूंकी त्योहारों का समय होता हैं।
  • TTM में आप पुराना हिसाब देखकर आगे का थोड़ा अनुमान लगा सकते हैं।
  • TTM लगभग सारे financial data में जरूरी पड़ता है।

अंत में

निवेशकों को चाहिए की उनको सबकुछ की जानकारी हो। अब अगर आप सालाना रिपोर्ट का इंतज़ार करते रहेंगे तो आपको बहुत सी चीजे नहीं मालूम चलेंगे। TTM का financial year से कोई संबंध नहीं हैं। ये बस पिछले 12 साल का हिसाब देखता हैं।

आप किसी भी कंपनी का fundamental analysis करेंगे तो आपको TTM की जरूरत पड़ेगी, ये ज्यादा सटीक रहता है और कंपनी के हाल फिलहाल के काम काज को अच्छे से बताता हैं। आपको इससे सही निवेश करने मे मदद मिलेगी। उम्मीद करते है की आपको TTM से संबंधित कुछ जानकारी मिली होगी। अगर फिर आपको कुछ समझ ना आया हो तो आप नीचे कमेन्ट करके पुछ सकते हैं।

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