शेयर मार्केट में Upper Circuit और Lower Circuit क्या होता हैं?

Upper Circuit and Lower Circuit in Stock Market

अगर आप एक निवेशक या trader हैं तो आपने Upper Circuit और Lower Circuit के बारे में जरूर सुना होगा। बहुत बार ऐसा होता हैं की किसी स्टॉक में Trading रोक दी गई हो क्यूंकी स्टॉक अपने Circuits को तोड़ देता हैं। अब ये सवाल आता हैं की आखिर ये Circuits होते क्या हैं? कोई शेयर इन Circuits को क्यूँ तोड़ता हैं? क्या सभी शेयर के लिए Circuits होते हैं? Circuits कैसे बनाए जाते हैं और कौन इन्हे बनाता हैं और एक निवेशक को ऐसा परिस्थिति में क्या करना चाहिए? इन सब सवालों के जवाब इस आर्टिकल में दिए गए हैं।

शेयर मार्केट में Upper Circuit और Lower Circuit क्या होते हैं?

भारतीय शेयर मार्केट में कब क्या हो जाए कोई नहीं जनता हैं। कभी भी कुछ भी हो सकता हैं, आखिर Demand और Supply का ही तो पूरा खेल हैं। और जहां पर भावनाओ में बहकर निवेश/trading होता हैं वहाँ पर ऐसा हो सकता हैं की आम निवेशक को नुकसान हो जाए। इसी चीज का समाधान Circuits करता हैं। Upper Circuit और Lower Circuit एक निवेशक को बाजार के अस्थिरता से बचाता हैं।

एक साधारण उदाहरण से समझते हैं- मान लीजिए आप किसी दुकान में गए है और वहाँ पर कोई बहुत बढ़िया समान हैं। उस समान को खरीदने के लिए बहुत से लोग तैयार खड़े हैं। सब मुह मांगी रकम दे रहे हैं। ऐसे में हो सकता हैं की दुकानदार आपको उस समान की दुगनी या तीन गुना भाव बताकर आपको चुना लगा दे। अगर वही पर कोई पुलिस रहता और उस दुकान वाले को बोले की नहीं इसका इतना भाव नहीं हैं तो आपका पैसा नहीं डूबता। अब ये जो कीमत पुलिस बताया वही Circuit हैं।

शेयर मार्केट में Upper Circuit और Lower Circuit का उदाहरण

देखिए बाजार में बहुत से शेयर हैं। और वैसे ही बहुत से निवेशक भी हैं जैसे की DII, FII, AMCs, experts और professionals। एक आम निवेशक या trader के पास उतना पैसा नहीं होता हैं जितना इन कंपनी के पास होता हैं। ऐसा हो सकता हैं की किसी शेयर में अचानक से बहुत लोग निवेश कर दे या बहुत लोग उसे बेच दे। वैसे में एक आम इंसान को नुकसान हो सकता हैं। इसलिए SEBI ने एक कीमत की सीमा बनाई हैं जिसे Circuit बोला जाता हैं। कीमत की ऊपरी सीमा को Upper Circuit बोलते हैं और नीचे वाली सीमा को Lower Circuit बोलते हैं।

अगर किसी शेयर की कीमत उसकी Circuit को तोड़ दे तो उसके ऊपर उस दिन trading बंद हो जाती हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी शेयर की कीमत सोमवार को 95 रुपये हैं और उस पर उस दिन 100 का Upper Circuit और 90 Lower Circuit लगा है तो अगर कीमत इनको तोड़ती हैं तो उस दिन (यहाँ पर सोमवार) उस शेयर पर trading बंद हो जाएगी।

Upper Circuit और Lower Circuit कैसे लगता हैं?

Circuits लगने का मुख्य कारण तो Demand और Supply ही हैं। अगर इन दोनों के बीच में balance नहीं रहेगा तो Circuits लग जाएगा। अगर बाजार में सिर्फ बेचने वाले रहेंगे मतलब की शेयर की दाम गिरते ही जा रही हैं तो Lower Circuit लग जाएगा। ठीक उसी तरह अगर शेयर मार्केट में सिर्फ खरीदने वाले लोग रहेंगे तो कीमतें ऊपर जाएंगी और Upper Circuit लग जाएगा। शेयर की कीमत ऊपर/नीचे जाने के बहुत से कारण हो सकते हैं। कुछ महत्वपूर्ण कारण नीचे दिए गए हैं:

  • कंपनी के management में कोई बदलाव
  • राजनीतिक या सरकारी नियम में बदलाव
  • विश्व में कोई बहुत बड़ी खबर
  • सरकार द्वारा ब्याज दर में बढ़ोतरी या कटौती
  • बाजार में कोई अच्छी या बुरी खबर
  • सेक्टर से संबंधित कोई बड़ी खबर
  • निवेशको का भरसो

इसके अलावा भी और अन्य कारण हो सकते हैं जिससे शेयर की कीमत बहुत तेजी से ऊपर नीचे हो सकती हैं।

Lower Circuit और Upper Circuit जरूरी बातें

  1.  Circuits हमेशा पिछले दिन के Closing Price के ऊपर निकाला जाता हैं। आमतौर पर Circuits Closing Price की 20% होती हैं। मतलब की अगर पिछले दिन की Closing कीमत 100 रुपये हैं तो Upper Circuit 120 और Lower Circuit 80 रुपये होगी। अलग अलग stocks के लिए ये percentage अलग अलग होती हैं और ये 5%-10%-15%-20% तक जा सकती हैं।
  2. जब कोई शेयर अपने Circuit को तोड़ देता हैं तो वो शेयर कुछ मिनट, या कुछ घंटे या फिर वो दिन के लिए बंद हो जाता हैं। मतलब की अब उस पर और कोई trading नहीं होगी। ये समय उस चीज पर निर्भर करता हैं की शेयर कितने बजे circuit को तोड़ता हैं। (आप नीचे टेबल देख सकते हैं)
  3. अगर आप Intraday कर रहे हैं और Circuit लग गया तो इसका मतलब ये हैं की आपको वो शेयर की delivery लेनी पड़ेगी।
  4. Future & Options में Circuit नहीं लगते हैं।
  5. आप किसी भी शेयर की Upper Circuit और Lower Circuit आसानी से उस शेयर के details में देख सकते हैं।
सर्किट लिमिट कितने बजे टूटा मार्केट बंद रहने का समय 
10%1 बजे से पहले45 मिनट
1:00 बजे से 2.30 बजे के बीच में15 मिनट
2.30 बजे के बादनहीं बंद होगा
15%1 बजे से पहले1 घंटा 45 मिनट
1:00 बजे से 2.30 बजे के बीच में45 मिनट
2.30 बजे के बादउस शेयर के लिए उस दिन मार्केट बंद
20%कभी भीउस शेयर के लिए उस दिन मार्केट बंद

जब भी किसी शेयर में circuit लग जाता हैं इसका सीधा मतलब होता हैं की शेयर में बहुत ज्यादा उतार चढ़ाओ हैं जो की एक आम निवेशक के लिए सही नहीं हैं। इसलिए उसमे trading को बंद करके SEBI उस शेयर को मार्केट से कुछ समय के लिए हटा देता हैं।

Circuit लगने पर निवेशक क्या करें?

देखिए किसी शेयर पर Circuit लगने का सीधा मतलब ये हैं की उस शेयर में थोड़ी ज्यादा Trades हो रहे हैं। और इसलिए वो ऊपर नीचे हो रहा हैं। अगर आप निवेशक हैं तो आपको घबराने की कोई बात नहीं हैं। कीमतों में उतार चढ़ाओ आम बात हैं। आप उस Lower Circuit या Upper Circuit लगने का कारण खोजिए। अगर आपको कुछ ऐसा कारण मिल जाता हैं जो की उस पूरे माजरे को समझा पा रहा हैं तो फिर आप उस हिसाब से अपना रणनीति बना सकते हैं। अगर आपकी Risk लेने की छमता कम हैं तो ज्यादा Beta वाले stocks के साथ ना trade करें।

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