Stock Split Meaning in Hindi | Stock Split क्या होता हैं?

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साल 2024 की शुरुआत में ही आपने देखा है की Nestle India ने अपना स्टॉक 10:1 से स्प्लिट किया है। इसके कारण नेस्ले कंपनी को लेकर निवेशकों के मन में बहुत सी बातें है। इसका असर आपको शेयर की कीमत में दिखाई दे ही रहा है। आज 9 जनवरी को लगभग पिछले 5 दिनों में नेस्ले की शेयर 5% गिर चुकी है। हालांकि यह पांच परसेंट कोई बड़ी गिरावट नहीं है पर क्योंकि Stock Split हुआ है तो निवेशक इस गिरावट का मुख्य कारण इस स्टॉक स्प्लिट को ही मान रहे है। देखिए शेयर मार्केट में बहुत सारी चीज ऐसी हैं जिन्हें समझना बहुत ज्यादा जरूरी है।

आप जब तक शेयर मार्केट की बुनियादी चीजों को नहीं समझेंगे तब तक आप इस 5% के गिरावट से डरते रहेंगे। अब आपके मन में यह सवाल आना लाजमी है कि आखिर यह Stock Split होता क्या है और क्यों ऐसा हो रहा है कि इस Stock Split के कारण मार्केट में Nestle India की कीमत गिर रही है। इस आर्टिकल में हम स्टॉक स्प्लिट के बारे में जानेंगे। स्टॉक स्प्लिट क्या होता है? Stock Split  करने से शेयर की कीमतों पर क्या असर पड़ता है और यह Stock Split निवेशकों की मानसिकता पर कैसा असर डालता है।

Stock Split Meaning in Hindi

Stock Split किसी कंपनी का एक प्रक्रिया होता है जिसमें कंपनी के मालिक (promotors) मिलकर यह फैसला करते हैं कि कंपनी के शेयर की गिनती को बढ़ा दिए जाएं। इसका मतलब हैं की मार्केट में जितने भी कंपनी के शेयर हैं उसे तोड़ कर उसकी संख्या बढ़ा दी जाती हैं। हालांकि इससे कंपनी के Market Cap में फर्क नहीं पड़ता है और ना ही आपके निवेश की हुई राशि पर कोई फर्क पड़ता हैं।

एक उदाहरण से इसे समझते हैं। मान लीजिए अपने हजार रुपए का कोई पिज़्ज़ा ऑर्डर किया है। उसमें आठ छोटे-छोटे हिस्से (Slices) हैं। अब अगर आपके परिवार में या दोस्तों में 8 से ज्यादा लोग हैं तो आपको इस पिज्जा को और छोटे हिस्सों में बांटना होगा तभी सबको मिल पाएगा। अब आप क्या करते हैं की उन आठ पिज्जा के हिस्सों को और आधा-आधा करके 16 हिस्से बना लेते हैं। आपने जो यहां पर किया इसे ही हम स्टॉक मार्केट में Stock Split कहते हैं। शुरू में आपके पास 8 हिस्से थे आपने उसको स्प्लिट करके 16 हिस्से बना लिए। गौर करिएगा की पिज्जा की कीमत हजार रुपए ही था। पर चुकी अब ये 8 बड़े हिस्से से 16 छोटे हिस्से  हो गए तो उसे सभी लोग खा पाएंगे।

Stock Split क्या होता हैं?

जब कंपनी किसी शेयर को तोड़कर और छोटे हिस्सों में बांट देती है तो उसे हम Stock Split करना कहते हैं। आम तौर पर इस्तेमाल होने वाला Stock Split है 2:1, 3:1, 5:1, और 10:1। पर ये पूरी तरह से कंपनी के ऊपर निर्भर करता हैं की वो क्या ratio चुनेंगे। Stock Split करते वक्त शेयर की मौजूदा Face Value को नजर में रखा जाता हैं। और जैसा की आप जानते हैं की किसी भी कंपनी का Face Value 1 से कम नहीं होता हैं तो सिर्फ वैसे कंपनी ही अपना Stock Split कर सकते हैं जिनका face value 1 से ज्यादा हैं।

Stock Split में 2:1 का मतलब यह हुआ कि हर एक शेयर के लिए आपको दो शेयर मिलेंगे। इसी तरह 3:1 का मतलब यह हुआ कि हर एक शेयर के लिए आपको तीन शेयर मिलेंगे और 5:1 का मतलब यह हुआ कि हर एक शेयर के लिए आपको 5 से शेयर मिलेंगे। ध्यान रखिए कि यहां पर आपका कुल निवेश की राशि नहीं बदल जाएगी बस आपके पास जितने शेयर है उसकी संख्या बढ़ जाएगी।

उदाहरण के लिए – अगर किसी कंपनी का मौजूदा फेस वैल्यू 10 है और कंपनी 2:1 के रेशों से अपना स्टॉक स्प्लिट कर रही है तो उसकी नई Face Value 5 हो जाएगा। तो अगर आपने 10 के फेस वैल्यू पर हजार रुपए निवेश किए होंगे तो आपके पास 100 शेयर होंगे। पर जैसा कि अब स्टॉक स्प्लिट हुआ और अपने हजार रुपए निवेश किए हैं पर Face Value पांच हैं तो आपके पास अब 200 शेयर हो जाएंगे। बस यही जो पूरा प्रक्रिया है इसे ही हम Stock Split करना कहते हैं।

जब कभी स्टॉक Split होता हैं तो शेयर की कीमत उसी हिसाब से कम हो जाती हैं। ऊपर के उदाहरण में शेयर की कीमत आधी हो जाएगी क्यूंकी Face Value आधी हो गई हैं। और जैसा की कुल शेयर दो गुनी हो गई हैं इसलिए शेयर की कीमत को भी आधी होना होगा तभी जाकर आपकी कुल निवेश राशि पहले जितनी ही रहेगी।

जाहीर सी बात है हैं की आप ये समझ गए होंगे की यहाँ आपकी निवेश की राशि नहीं बढ़ी हैं। ठीक इसी तरह कंपनी के Financial Data पर भी इसका कुछ असर नहीं होता हैं। आप नीचे टेबल में शेयर की कीमत का उदाहरण देख सकते हैं –

Split Ratioपुरानी Face Valueकुल शेयर Split के पहले की शेयर की कीमत Stock Split से पहले कुल निवेश की राशि नई Face वैल्यू Stock Split के बाद कुल शेयर नई शेयर की कीमत Stock Split के बाद कुल निवेश की राशि 
2:1101005050005200255000
3:12730601800990201800
5:11010090090,000250018090,000

Stock Split करने से क्या होता हैं

स्टॉक स्प्लिट करने का कंपनी के पास बहुत से कारण हो सकते हैं।

जैसा कि आपने पिज़्ज़ा वाले उदाहरण में देखा था कि पिज़्ज़ा में 8 ही हिस्से थे और 16 हिस्से कर देने से भले ही सब पिज़्ज़ा थोड़ा-थोड़ा ही खाएं लेकिन 16 लोग अब खा पाएंगे। ठीक इसी तरह जब शेयर की कीमत कम हो जाती है तो एक आम निवेशक भी उसे शेयर को खरीद पाता है। इससे शेयर में लिक्विडिटी ज्यादा आ जाती है जो एक तरह से कंपनी के अच्छी बात हैं।

दूसरे शब्दों में यह कहा जाए कि अगर शेयर की कीमत महंगी है या ज्यादा है तो एक आम निवेशक उसमें निवेश करने से पहले 10 बार सोचता है। नेस्ले के उदाहरण में ही हम खुद ही एक ₹27000 का शेयर नहीं खरीदना पसंद करेंगे पर अगर वह शेयर 2700 में मिले तो हम एक बार फिर भी सोच सकते हैं।

Stock Split करने से शेयर की कीमतों में लिक्विडिटी तो आ जाती है पर इस लिक्विडिटी का बहुत ज्यादा ही महत्व है। देखिए ऐसा भी होता है कई बार की कंपनी किसी बुरे हालात में फंसी हुई रहती है तो वह मार्केट से पैसा उठाने के लिए Stock Split कर देती है जिसके कारण आम निवेशक भी उसमें इन्वेस्ट कर पाएं और कंपनी के पास पैसा आए।

इसके अलावा यह भी हो सकता है की की कंपनी को वाकई शेयर में लिक्विडिटी लाने की जरूरत हो। कोई भी कंपनी को अपने Equity में Liquidity रखनी ही चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि हमेशा अपने पास कुछ पैसा हाथ में रखना ही चाहिए तो अगर लिक्विडिटी आ जाती है तो कंपनी के लिए भी और एक निवेशक के लिए भी बेहतर होगा। आप 27000 का शेयर बेचना तो चाहते हैं तो पर कोई खरीदने वाला ही नहीं हैं तो आप तो फस जाएंगे ना।

अंत में

जब भी कोई कंपनी Stock Split करती है तो वह अपने निवेशकों को उससे पहले ही बता देती है कि फैलाने डेट को स्टॉक स्प्लिट हो जाएगा और इतने दिनों के अंदर आपके बढ़े हुए शेयर आपके डिमैट अकाउंट में आ जाएंगे। वैसे देखा जाए तो इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि कंपनी का बुनियादी Financial Data नहीं बदलता है। उनके पास जितना पैसा पहले था उतना ही पैसा अभी भी रहेगा, हां बस कुछ चीजों में फर्क आ जाता है तो इसीलिए जब भी आप किसी भी शेयर में निवेश किए हैं और स्टॉक स्प्लिट हुआ तो उसे घबराएं नहीं। मार्केट में यह चार-पांच परसेंट कभी भी उतार चढ़ाओ होते रहता है तो इसीलिए आप रुके रहे और कंपनी को थोड़ा समय दे ताकि आपको ज्यादा से ज्यादा प्रॉफिट हो सके।

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