Swing Trading क्या होता हैं? Swing Trading कैसे करें?

swing trading kya hota hain

अगर आपने शेयर बाजार में trading करने का मन बना लिया हैं, पर आप ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते हैं तो आपके लिए Swing Trading एक काम की strategy हो सकती हैं। शेयर बाजार में दुनिया भर की चीजे हैं। और जाहीर सी बात हैं की सभी तरीकों से पैसे बन और बिगड़ सकते हैं। जरूरी ये हैं की आपके लिए कौन सा तरीका काम का हैं और आपको किस चीज से फायदा हो रहा हैं।

आपने शेयर मार्केट में Intraday Trading सुन होगा, शेयर की Delivery, Futures और Options भी सुने होंगे। पर Swing Trading के बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं हैं। इस आर्टिकल में Swing Trading क्या होता हैं? Swing Trading कैसे करें? शेयर मार्केट में Swing Trading का क्या इस्तेमाल हैं? Swing Trading और Intraday Trading में क्या अंतर हैं? इत्यादि जैसी जानकारी दी गई हैं।

Swing trading Meaning in Hindi

Swing trading एक तरह का निवेश करने का तरीका हैं जिसमे एक Trader या निवेशक चार्ट पैटर्न पर बने swing का इस्तेमाल करते हैं। Swing Trading समझने से पहले हमे Swing क्या होता हैं वो समझना होगा। आप नीचे के फोटो में Swing को देख सकते हैं।

Swing Trading kya hota hain

देखिए जब भी किसी भी शेयर की कीमत ऊपर जाती हैं तो वो सीधे ऊपर नहीं जाता हैं। ठीक इसी तरह जब भी कोई कीमत नीचे गिरती हैं तो वो सीधी नीचे नहीं गिरती हैं। किसी भी शेयर की कीमत ऊपर जाते वक्त पहले थोड़ा ऊपर जाती हैं, फिर थोड़ा गिरती हैं, फिर थोड़ा ऊपर जाती हैं, फिर गिरती हैं। और ऐसे ही ये प्रक्रिया चलते रहता हैं। अब चाहे वो Uptrend हो या फिर Downtrend।

शेयर मार्केट Sideways मार्केट में भी एक Support और Resistance के बीच में ही Swing करते रहती हैं। अब जाहीर सी बात हैं की Swing Trading करने के लिए आपको Support और Resistance क्या होते हैं उसके बारे में पता होना चाहिए। अगर नहीं पता हैं तो आप नीचे एक छोटा सा विवरण दिया हुआ हैं।

support resistance क्या होता हैं?

देखिए चार्ट में जिस जगह से किसी शेयर की कीमतें गिरने लगे यानि की Sellers कीमत को ऊपर जाने से रोकने लगे वो एक Resistance की कीमत होती हैं। ठीक इसका उलटा जिस कीमत से Buyers किमत को और नीचे गिरने ना दे वो एक Support point होता हैं। जब भी कीमत अपने Support और Resistance को तोड़ती हैं तो उसे breakout बोलते हैं।

अभी ऊपर के इस फोटो में कीमत ऊपर जा रही थी पर फिर अपने Resistance पर आकार रुक गई। मतलब की कीमत जैसे ही वहाँ पहुचती हैं Sellers आ जाते हैं और कीमत नीचे गिरने लगती हैं। गिरते गिरते वो अपने Support पर आती हैं और वहा से Buyers शेयर को खरीदने लगते हैं। और ये सिलसिला ऐसा ही चलते रहते हैं।

ये जो कीमत Resistance से गिरी (support से ऊपर गई) और एक Curve/Swing जैसा बना इसे ही इस्तेमाल करके जब कोई निवेशक/trader मार्केट में निवेश करता हैं तो उसे Swing Trading कहते हैं।

Swing Trading में निवेशक शेयर को अपने पास एक दिन से ज्यादा समय के लिए रखता हैं। और अगर एक दिन से कम के लिए रखेगा तो उसे Intraday ही बोला जाएगा।

इतना सबकुछ समझने के बाद आप एक लाइन मे समझे तो – Swing Trading में निवेशक शेयर की कीमतों में छोटे छोटे उतार चढ़ाओ का इस्तेमाल करके profit कमाता हैं। इसके लिए वो शेयर की तेजी और अपने Support और Resistance का analysis का इस्तेमाल करता हैं। कम में खरीदो और ज्यादा में बेचो।

Swing trading कैसे करें?

जाहीर सी बात हैं की Swing Trading करने के लिए आपको टेक्निकल Analysis करना होगा। और वो करने के लिए आपको Technical Analysis करने आना चाहिए। नीचे कुछ महत्वपूर्ण चीजे दी गई हैं जिससे आपको कुछ मदद हो जाएगा।

  • सबसे पहले Technical Analysis थोड़ा थोड़ा सिख लीजिए। मतलब Support, Resistance, UpTrend, Downtrend, Sideways, Breakout इत्यादि समझ लीजिए। Indicators में RSI, MACD, Bollinger Bands, Fib Retracement को समझ ले।
  • इसके बाद आप अपने रिस्क के हिसाब से Nifty 50 या Nifty 100 में से कोई स्टॉक को चुन ले। इस कंपनी का चार्ट पूरा पढिए।
  • इसमे Support और Resistance खोजिए, कीमत में कितना momentum हैं उसको पता करिए। कुल मिलकर आपको Entry point और Exit Point पता होना चाहिए।
  • Stop loss लगाकर, trade ले लीजिए।
  • अगर आपको रिस्क कम लेना हैं तो आप ऐसे शेयर में निवेश करिए जिसमे Volatility कम हो। या फिर जिसके चार्ट Sideways हो। Sideways में आपको आसानी से  entry, target और स्टॉप लॉस मालूम होता हैं।

Swing trading के फायदे 

एक अच्छा कम रिस्की और ज्यादा प्रॉफ़िट देने वाला स्ट्रैटिजी हैं। अगर आपने अच्छे से रिसर्च करके पैसे Swing Trading करेंगे तो आपको अच्छा खासा रिटर्न मिल सकता हैं। इसमे अगर आपको लगता हैं की भाई गलत trade हो गया तो आप उस शेयर को रख भी सकते हैं। जरूरी नहीं हैं की आप हर बार सही ही हो और इसलिए जब नुकसान हो तो आप रुक सकते हैं।

रिस्क को कम करने के लिए आप केवल Nifty 50 के शेयर को ही अपने trading के लिए इस्तेमाल करें। Intraday में ये सुविधा नहीं है जिसके कारण थोड़ा मानसिक तनाव यहाँ पर कम हैं।

Discipline चाहिए Swing Trading के लिए और ये रिटर्न देने में समय ले सकता हैं।

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