T+0 Settlement क्या हैं? क्यू SEBI Settlement समय कम करना चाहता हैं?

t+0 settlement

SEBI ने हाल ही में ये जारी किया हैं की वो T+0 Settlement के ऊपर काम कर रहे हैं। हालांकि पहले SEBI 1 घंटे में settlement करने का सोच रही थी, पर उसे बदल कर SEBI ने trade वाले दिन ही Settlement करने का फैसला लिया हैं। इस नए नियम को वो मार्च 2024 से पहले जारी करने की सोच रहे हैं।

और SEBI आने वाले समय में ये settlement समय खत्म करने की भी सोच रहा हैं। मतलब की जैसे ही आपने शेयर खरीदे वैसे ही वो आपके Demat account में आ जाएंगे। इस आर्टिकल में T+0 Settlement क्या हैं? SEBI का नया settlement नियम क्या हैं और Settlement समय का शेयर मार्केट पर क्या असर पड़ेगा इन सब के बारे में बताया गया हैं।

Trade Settlement समय क्या हैं?

देखिए जब भी आप कोई शेयर या स्टॉक खरीदते हैं तो वो उसे आपके Demat अकाउंट में आने में समय लगता हैं। अब ये समय आज की तारिक में भारत में 1 दिन हैं। मतलब की अगर आप आज 30.11.2023 (गुरुवार) के दिन कोई शेयर खरीदेंगे तो वो आपके Demat Account में कल 01.12.2023 (शुक्रवार) को आपके पास आएगा। और ठीक इसका उलटा जब आप शेयर बेचेंगे तो पैसे आपके पास अगले दिन आ जाएंगे।

जाहीर सी बात हैं की इस एक दिन में मार्केट बंदी नहीं जोड़ी गई हैं। मतलब अगर आप शुक्रवार को कोई शेयर खरीदते हैं तो वो सोमवार को आपके Demat में आएगा। अगर सोमवार को कोई छुट्टी हैं तो वो मंगलवार को आपके Demat Account में आएगा। इसे ही Trade Settlement कहते हैं।

एक लाइन में समझया जाए तो एक Buyer जब शेयर खरीदें और उसके बाद जीतने दिनों में उसके पास Share आई वही आपका Trade Settlement समय हैं। पहले ये 2 दिन हुआ करता था पर इसी साल 2023 में 1 दिन हो गया हैं। और अगर SEBI की माने तो आने वाले मार्च 2024 तक आपका शेयर उसी दिन आपके Demat Account में आ जाएगा जिस दिन आप उसे खरीदेंगे। और साल 2025 तक ये तुरंत एक पल में हो जाएगा। ये ही चीज जब आप शेयर आप बेचेंगे तब भी लागू होगा।

इस पूरे प्रक्रिया को T+2, T+1, T+0 बोला जाता हैं। यहाँ पर T का मतलब हैं Transaction और ये 2,1,0 का मतलब दिन हैं। जिस दिन Transaction हुआ उसमे उतने दिन जोड़ दीजिए तो उतने दिनों में शेयर आपके पास आ जाएंगे। अभी T+1 चल रहा हैं।

T+0 Settlement से क्या फायदा होगा?

देखिए जब शेयर/पैसे उसी वक्त (दिन) में निवेशकों के पास आ जाएंगे तो वो फिर से निवेश करेंगे। ऐसे में बाजार में Liquidity थोड़ी बढ़ेगी। अभी जैसे जीतने शेयर आपने खरीदे या बेचे वो शेयर तो जबतक आपके पास नहीं आते हैं, तब तक के लिए वो block हो गए हैं। जब तुरंत आने लगेंगे तो उससे मार्केट में लोग आसनी से उसी दिन बेच या खरीद सकते हैं।

दूसरा फायदा ये हैं की इस देरी के कारण कभी कभी जो Scam होता था वो नहीं होगा। रिस्क कम होगा अगर T+0 सेटल्मन्ट हो जाता हैं। शेयर मार्केट के पूरे system में एक नयापन आ जाएगा और इससे मार्केट का growth अच्छा होगा।

यहाँ पर FIIs और DIIs की बात करें तो उन्हे इसका असर साफ दिखाई देगा। FIIs को करन्सी exchange करने के लिए थोड़ा और जल्दी हाथ पैर मारने होंगे। क्यूंकी आपको उसी समय सारे पैसे देने होंगे जब T+0 हो जाएगा।

T+0 Settlement में एक निवेशक के लिए क्या जरूरी हैं?

देखिए आज की पूरी शेयर मार्केट Technology के ऊपर बहुत आधारित हैं। एक शेयर खरीदने के लिए बहुत सी चीजों की जरूरत होती हैं और सारी चीजे internet और मोबाईल/ कंप्युटर के जरिए होता हैं। तो एक निवेशक को ये चाहिए की उसके पास ये सभी चीजे सही से हो।

एक शेयर का trade होने के लिए आपको एक ब्रोकर की जरूरत हैं, बैंक अकाउंट चाहिए, Demat और Trading Account जिसमे Depository आपके शेयर manage करती हैं, इत्यादि की जरूरत पड़ती हैं। अब T+0 होने के लिए आपके ब्रोकर को सही से काम करना पड़ेगा, Depository को सही से काम करना पड़ेगा और साथ ही साथ आपके बैंक को भी अच्छे से काम करना पड़ेगा।

इन सब के जरिए ये मुमकिन हैं और इसलिए आपके लिए ये जरूरी हैं की आप इन चीजों को ध्यान में रखे। ऐसा नहीं हैं की भारत में Technology इसके लिए तैयार नहीं हैं। भारत में ये सारी चीजे मौजूद हैं। पर एक निवेशक के तौर पर जो चीजे आपके control में हैं उसपर ध्यान दीजिए।

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